मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में 30 अप्रैल 2026 की शाम हुआ दर्दनाक क्रूज हादसा पूरे देश को झकझोर गया। 39 यात्रियों से भरी नाव अचानक तेज लहरों के बीच असंतुलित होकर डूब गई। इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए।
मौत का आंकड़ा बढ़कर 9, कई अब भी लापता
इस दुर्घटना में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। शुरुआत में कम संख्या बताई गई थी, लेकिन समय के साथ मृतकों का आंकड़ा बढ़ता गया। वहीं, करीब 6 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। राहत टीमों ने अब तक 22 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
सोनू सूद ने जताया दुख, उठाए सवाल
अभिनेता सोनू सूद ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि इससे पहले भी कई नाव हादसे हो चुके हैं, लेकिन उनसे कोई सीख नहीं ली गई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कब तक ऐसी लापरवाही लोगों की जान लेती रहेगी।
A while ago I tweeted about the Bihar boat tragedy, urging life jackets for every passenger. Then came Vrindavan… and now Madhya Pradesh, more lives lost the same way. How many more? It’s time to make it mandatory: no boat should leave without every passenger wearing a life… pic.twitter.com/M8wC3Grmz0
— sonu sood (@SonuSood) May 1, 2026
प्रशासन से सख्त कदम उठाने की अपील
सोनू सूद ने प्रशासन से अपील की कि हर यात्री के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य किया जाए। उनका कहना है कि जब तक सभी यात्री सुरक्षा उपकरण नहीं पहनते, तब तक किसी भी नाव को रवाना नहीं होना चाहिए। यह कदम भविष्य में होने वाले हादसों को रोकने में मददगार साबित हो सकता है।
डिजिटल सिस्टम लागू करने का सुझाव
एक्टर ने सुझाव दिया कि सरकार को एक ऐसा डिजिटल पोर्टल बनाना चाहिए, जहां हर ट्रिप से पहले यात्रियों की लाइफ जैकेट पहने हुए टाइम-स्टैम्प फोटो अपलोड करना अनिवार्य हो। उनके मुताबिक, सख्त निगरानी और जवाबदेही से ही लोगों की जान बचाई जा सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर जल परिवहन की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि नियम तो हैं, लेकिन उनका पालन सही तरीके से नहीं हो रहा। अब जरूरत है कि प्रशासन इस दिशा में ठोस और सख्त कदम उठाए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।

