सीक्रेट सोल्जर एक तेलुगु एक्शन थ्रिलर है, जिसका निर्देशन और निर्माण अक्की विश्वनाथ रेड्डी ने किया है। फिल्म में निहाल कोडाटी और सूर्या श्रीनिवास मुख्य भूमिकाओं में हैं। पहले चाइना पीस नाम से बनी यह फिल्म लंबे इंतजार और सेंसर आपत्ति के बाद नाम बदलकर आखिरकार 18 सितंबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई।

फिल्म का आधार देशभक्ति, दोस्ती, जासूसी और एक गायब हुए गुप्त कोड को जोड़ता है। आइडिया दिलचस्प है, लेकिन कमजोर कहानी और अविश्वसनीय जासूसी सेटअप के कारण सीक्रेट सोल्जर वह रोमांचक थ्रिलर नहीं बन पाती, जैसी यह बन सकती थी।

सीक्रेट सोल्जर फिल्म की जानकारी

जानकारीविवरण
फिल्म का नामसीक्रेट सोल्जर
रिलीज डेट18 सितंबर, 2026
जॉनरएक्शन, थ्रिलर
निर्देशकअक्की विश्वनाथ रेड्डी
लेखकअक्की विश्वनाथ रेड्डी
निर्माताअक्की विश्वनाथ रेड्डी
मुख्य कलाकारनिहाल कोडाटी, सूर्या श्रीनिवास, दीक्षा पंथ, सिरीषा नुलु, हर्षिता बंडलामुरी, कमल कामराजू, वामशी नेक्कंती
रनटाइमलगभग 2 घंटे 31 मिनट
ओटीटी प्लेटफॉर्मटीबीए
रेटिंग2/5

सीक्रेट सोल्जर की कहानी

मीरा वाली (निहाल कोडाटी) नेल्लोर का एक युवा है, जिसका सपना सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना है। उसकी देशभक्ति आखिरकार उसे एक गुप्त एजेंट के रूप में काम करने और एक खतरनाक मिशन का हिस्सा बनने का मौका देती है। लेकिन रॉकेट लॉन्च के दौरान एक गुप्त कोड गायब होने के बाद मामला पेचीदा हो जाता है। चीफ परम (कमल कामराजू) वाली की जांच शुरू करता है और उसके करीबी दोस्त पृथ्वी (सूर्या श्रीनिवास) के साथ उसके संबंध का पता चलता है। जांच आगे बढ़ने पर पृथ्वी को हिरासत में ले लिया जाता है।

इसके बाद कहानी वाली की असली भूमिका, वह किसके लिए काम करता है और रहस्यमयी भक्थल (वामशी नेक्कंती) कौन है, जैसे कई सवाल खड़े करती है। एजेंट सारा (हर्षिता बंडलामुरी), शीतल (सिरीषा नुलु) और कनिका कपूर (दीक्षा पंथ) भी इस बढ़ते हुए पेचीदा मिशन का हिस्सा बनती हैं। आगे की कहानी वाली की गुप्त पहचान, गायब कोड और मिशन के पीछे की साजिश को सामने लाने पर केंद्रित है।

सीक्रेट सोल्जर रिव्यू: दिलचस्प आइडिया कमजोर प्रस्तुति में खो गया

सीक्रेट सोल्जर का बेसिक आइडिया निश्चित रूप से दिलचस्प है। एक युवा देशभक्त का गुप्त एजेंट बनना और फिर खुद ही शक के घेरे में आ जाना एक तनावपूर्ण जासूसी थ्रिलर की मजबूत नींव बन सकता था। दुर्भाग्य से, पटकथा इस आइडिया का पूरा फायदा नहीं उठा पाती।

सबसे बड़ी समस्या फिल्म के पहले हिस्से में है। जासूसी मिशन की तरफ तेजी से बढ़ने के बजाय फिल्म वाली और पृथ्वी के बीच दोस्ती को स्थापित करने में काफी समय लगाती है। उनकी दोस्ती कहानी के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे इतना खींच दिया गया है कि असली थ्रिलर शुरू होने में काफी देर हो जाती है।

जासूसी से जुड़े कुछ दृश्यों को गंभीरता से लेना भी मुश्किल है। फिल्म रॉ और दूसरी एजेंसियों के काम करने के तरीके को लेकर कई सिनेमाई छूट लेती है। वहीं संदिग्ध आतंकियों और गुप्त पहचान से जुड़े कुछ सीक्वेंस रोमांच पैदा करने के बजाय हास्यास्पद लगते हैं।

दूसरा हिस्सा कुछ बेहतर है और असली रहस्य पर ज्यादा ध्यान देता है। हालांकि, बहुत सारे किरदार और ट्विस्ट एक साथ पेश किए जाने के कारण कहानी कई जगह उलझी हुई महसूस होती है। जासूसी वाले हिस्से को विश्वसनीय बनाने के लिए पटकथा में ज्यादा कसाव और काफी बेहतर रिसर्च की जरूरत थी।

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निहाल कोडाटी और सूर्या श्रीनिवास ने संभाली मुख्य भूमिकाएं

निहाल कोडाटी मीरा वाली के किरदार में अच्छा काम करते हैं। वह एक ऐसे किरदार में ईमानदारी लाते हैं, जो देशभक्ति के अपने सपनों और खुद पर उठ रहे शक के बीच फंसा हुआ है। उनका प्रदर्शन मुख्य किरदार में जरूरी भावनात्मक वजन जोड़ता है। वहीं सूर्या श्रीनिवास फिल्म की खासियतों में से एक हैं। उनका नेल्लोर वाला लहजा और पंच डायलॉग खासकर पहले हिस्से में कुछ हास्य पैदा करते हैं।

निहाल के साथ उनकी केमिस्ट्री भी अच्छी है और उनकी दोस्ती फिल्म के ज्यादा देखने लायक हिस्सों में शामिल है। हर्षिता बंडलामुरी और सिरीषा नुलु एजेंट की भूमिकाओं में विश्वसनीय लगती हैं, जबकि वामशी नेक्कंती भक्थल के रूप में अपनी छाप छोड़ते हैं। कमल कामराजू भी परम के किरदार में प्रभावी नजर आते हैं। हालांकि, वरिष्ठ कलाकार तुलसी और रघु बाबू को ज्यादा कुछ करने का मौका नहीं मिलता।

संगीत और विजुअल अपील

तकनीकी विभाग फिल्म को कुछ सकारात्मक पहलू जरूर देता है। सुरेश रागुतु की सिनेमैटोग्राफी सीक्रेट सोल्जर को अपेक्षाकृत समृद्ध विजुअल लुक देती है और फिल्म को उसके सीमित आधार से बड़ी दिखाने में मदद करती है। एक्शन सीक्वेंस भी तुलनात्मक रूप से वास्तविक और संयमित हैं। कार्तिक रोड्रिग्ज का बैकग्राउंड स्कोर कहानी में कुछ तीव्रता जोड़ता है और गंभीर दृश्यों को बेहतर बनाने में मदद करता है। हालांकि, ये तकनीकी खूबियां पटकथा की कमियों को पूरी तरह दूर नहीं कर पातीं।

कमजोरियां क्या हैं?

  • कमजोर पटकथा
  • अविश्वसनीय जासूसी कहानी
  • खींची गई दोस्ती की कहानी
  • उलझे हुए किरदारों के ट्रैक

क्या सीक्रेट सोल्जर देखना चाहिए?

इसे देखें अगर:

  • आपको तेलुगु थ्रिलर पसंद हैं
  • आपको जासूसी कहानियां पसंद हैं
  • आप नए कलाकारों को फॉलो करते हैं
  • आपको देशभक्ति वाले विषय पसंद हैं

इसे छोड़ दें अगर:

  • आप वास्तविक जासूसी कहानी की उम्मीद करते हैं
  • आपको धारदार लेखन पसंद है
  • आपको धीमी शुरुआत पसंद नहीं है
  • आप कसावट वाली थ्रिलर पसंद करते हैं

फाइनल टेक

सीक्रेट सोल्जर में एक अच्छी जासूसी थ्रिलर बनने की नींव जरूर है, लेकिन इसकी प्रस्तुति बार-बार इसकी राह में बाधा बनती है। वाली और पृथ्वी की दोस्ती कहानी में कुछ भावनात्मक जुड़ाव लाती है, जबकि निहाल कोडाटी और सूर्या श्रीनिवास अपने किरदारों में पूरी मेहनत करते नजर आते हैं।

दुर्भाग्य से, कमजोर कहानी, खींचा हुआ पहला हिस्सा, अतार्किक जासूसी पहलू और जरूरत से ज्यादा सिनेमाई छूट फिल्म को उसके मूल आइडिया की तुलना में कम विश्वसनीय बना देती है। दूसरा हिस्सा कुछ दिलचस्प पल जरूर देता है, लेकिन वे इतने देर से आते हैं कि पूरे अनुभव को पूरी तरह नहीं बचा पाते।

रेटिंग: 2/5

जिन दर्शकों को तेलुगु एक्शन थ्रिलर पसंद हैं, उन्हें सीक्रेट सोल्जर में कुछ मनोरंजक पल मिल सकते हैं, लेकिन आखिरकार यह एक संतोषजनक जासूसी ड्रामा के रूप में उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती।

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