साई पल्लवी ने बॉलीवुड में अपनी शुरुआत फिल्म एक दिन से कर ली है। जुनैद खान और साई पल्लवी स्टारर यह रोमांटिक ड्रामा 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुआ है। फिल्म का कॉन्सेप्ट दिलचस्प है—अगर आपका पहला प्यार सिर्फ एक दिन के लिए आपको मिल जाए तो क्या होगा?

हालांकि यह विचार भावनात्मक रूप से काफी मजबूत है, लेकिन फिल्म इसे पूरी गहराई के साथ पर्दे पर उतारने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाती।

एक दिन मूवी डिटेल्स

कैटेगरीजानकारी
फिल्म का नामएक दिन
रिलीज डेट1 मई 2026
जॉनररोमांटिक ड्रामा
निर्देशकसुनील पांडे
लेखकस्नेहा देसाई, स्पंदन देसाई
निर्माताआमिर खान, मंसूर खान, अपर्णा पुरोहित
मुख्य कलाकारजुनैद खान, साई पल्लवी, कुणाल कपूर
रेटिंग2.5/5

एक दिन की कहानी (Story Overview)

फिल्म की कहानी नोएडा में काम करने वाले दिनेश कुमार श्रीवास्तव (जुनैद खान) की है, जो एक शर्मीला और अंतर्मुखी युवक है। वह अपनी सहकर्मी मीरा रंगनाथन (साई पल्लवी) से चुपचाप प्यार करता है, लेकिन कभी अपने दिल की बात नहीं कह पाता।

उसे पता चलता है कि मीरा अपने बॉस नकुल (कुणाल कपूर) के साथ रिश्ते में है। इसी बीच कंपनी की टीम जापान ट्रिप पर जाती है, जहां एक रहस्यमयी घंटी के बारे में कहा जाता है कि सच्चे दिल से मांगी गई इच्छा पूरी होती है।

दिनेश मन ही मन चाहता है कि मीरा सिर्फ एक दिन के लिए उसकी हो जाए। अचानक घटनाओं के बाद मीरा अपनी याददाश्त अस्थायी रूप से खो देती है, और दिनेश को उसके साथ पूरा एक दिन बिताने का मौका मिल जाता है।

इसके बाद कहानी भावनाओं, प्यार और अधूरी चाहतों के इर्द-गिर्द घूमती है।

एक दिन रिव्यू: अच्छा कॉन्सेप्ट, कमजोर इमोशनल असर

फिल्म का विचार नया और दिलचस्प है, लेकिन स्क्रीनप्ले उस असर को पूरी तरह पैदा नहीं कर पाता जिसकी उम्मीद थी।

जब दिनेश और मीरा एक दिन साथ बिताते हैं, तो वही हिस्सा फिल्म का सबसे अहम है, लेकिन कई जगह यह खिंचा हुआ महसूस होता है। दोनों किरदारों के बीच भावनात्मक जुड़ाव गहराई से नहीं बन पाता।

क्लाइमैक्स भी जल्दबाजी में खत्म किया गया लगता है, जिससे कहानी का असर कम हो जाता है।

साई पल्लवी ने जीता दिल

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत साई पल्लवी हैं। उन्होंने मीरा के किरदार में सहजता, मासूमियत और भावनाओं को खूबसूरती से पेश किया है।

उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और अभिनय फिल्म को संभालते हैं। साथ ही, उन्हें अपनी डांस प्रतिभा दिखाने का भी मौका मिला है।

जुनैद खान कैसे रहे?

जुनैद खान एक सच्चे और साधारण युवक के किरदार में ठीक लगते हैं, लेकिन रोमांटिक और इमोशनल दृश्यों में वह उतना असर नहीं छोड़ पाते जितनी जरूरत थी।

उनके किरदार में संवेदनशीलता तो है, लेकिन परफॉर्मेंस में गहराई की कमी महसूस होती है।

म्यूजिक और विजुअल्स

राम संपत का संगीत मधुर है और फिल्म के मूड के साथ फिट बैठता है।

सिनेमैटोग्राफर मनोज लोबो ने जापान की खूबसूरती को शानदार तरीके से कैमरे में कैद किया है। जापान के लोकेशन्स फिल्म को विजुअली आकर्षक बनाते हैं।

क्या हैं फिल्म की कमियां?

  • कहानी में कई सवाल अनुत्तरित रह जाते हैं
  • मीरा और दिनेश की केमिस्ट्री गहराई से नहीं उभरती
  • क्लाइमैक्स जल्दबाजी में खत्म होता है
  • कुछ हिस्से जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं

क्या एक दिन देखनी चाहिए?

देखें अगर आप:

  • साफ-सुथरी प्रेम कहानियां पसंद करते हैं
  • साई पल्लवी के फैन हैं
  • हल्की-फुल्की इमोशनल फिल्म देखना चाहते हैं
  • विजुअली खूबसूरत फिल्में पसंद हैं

न देखें अगर आप:

  • गहरी रोमांटिक कहानी चाहते हैं
  • मजबूत स्क्रीनप्ले की उम्मीद कर रहे हैं
  • तेज रफ्तार फिल्में पसंद करते हैं

फाइनल वर्डिक्ट

एक दिन एक अच्छी सोच पर बनी सादगी भरी प्रेम कहानी है, लेकिन यह दिल को छूने वाली ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाती। साई पल्लवी का शानदार अभिनय और सुंदर विजुअल्स फिल्म को संभालते हैं, लेकिन कमजोर लेखन इसे पीछे खींचता है।

रेटिंग: 2.5/5

कुल मिलाकर, अगर आप साई पल्लवी के फैन हैं और हल्की रोमांटिक फिल्म देखना चाहते हैं, तो इसे एक बार देखा जा सकता है।