दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के छह साल बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है। अभिनेता की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने हाल ही में एक वीडियो शेयर कर अपने भाई की मौत से जुड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कथित तौर पर पोस्टमार्टम करने वाले व्यक्ति से मिली जानकारी का हवाला देते हुए कई गंभीर दावे किए हैं।
श्वेता के इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर सुशांत सिंह राजपूत की मौत और उससे जुड़े पुराने सवाल फिर चर्चा में हैं। हालांकि, उनके हालिया दावों और 2020 में सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी में अंतर दिखाई देता है।
श्वेता सिंह कीर्ति ने सुशांत की मौत को लेकर क्या कहा?
श्वेता सिंह कीर्ति ने अटलांटा में मेडिटेशन रिट्रीट में शामिल होने के बाद एक वीडियो साझा किया। इस दौरान उन्होंने अपने प्रशंसकों के समर्थन के लिए आभार जताया और फिर सुशांत की मौत से जुड़े मामले का जिक्र किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्वेता ने दावा किया कि उन्हें हाल ही में पोस्टमार्टम से जुड़ी कुछ ऐसी जानकारी मिली है, जो उनके लिए बेहद परेशान करने वाली है। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि पोस्टमार्टम करने वाले व्यक्ति ने स्टन गन के इस्तेमाल, पैर टूटने और आंख में चोट जैसी बातें बताई थीं।
हालांकि, ये बातें फिलहाल श्वेता सिंह कीर्ति द्वारा किए गए दावे के तौर पर सामने आई हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड से नहीं हुई है।
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सुशांत का पैर टूटने और आंख में चोट का दावा
अपने वीडियो में श्वेता ने कथित तौर पर दावा किया कि सुशांत के पैर में चोट थी और उनकी आंखों को भी नुकसान पहुंचा था। उन्होंने यह भी कहा कि उनके भाई पर काफी जोर लगाया गया था।
श्वेता ने आगे अपने भावनात्मक अनुभव को साझा करते हुए कहा कि जब किसी बेहद करीबी व्यक्ति के साथ कुछ गलत होता है, तो उस घटना को स्वीकार करना और उसे माफ कर पाना आसान नहीं होता।
उनका यह बयान सामने आने के बाद सुशांत के फैंस के बीच एक बार फिर उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
2020 की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया था?
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उनका पोस्टमार्टम मुंबई के कूपर अस्पताल में किया गया था। जून 2020 में सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मीडिया रिपोर्टिंग के अनुसार, उनकी मौत का कारण फांसी के कारण दम घुटना बताया गया था।
रिपोर्ट की उस समय हुई रिपोर्टिंग में शरीर पर किसी तरह के बाहरी चोट या संघर्ष के निशान नहीं मिलने की बात कही गई थी। नाखून भी साफ बताए गए थे।
यानी, 2020 में सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी और श्वेता सिंह कीर्ति द्वारा हाल में किए गए दावों के बीच अंतर दिखाई देता है।
14 जून 2020 को हुई थी सुशांत सिंह राजपूत की मौत
सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे। उस समय अभिनेता की उम्र 34 साल थी।
उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी। इसके बाद उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर कई तरह के सवाल और दावे सामने आए।
मामले की जांच के दौरान पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट समेत कई पहलुओं की जांच की गई थी।

सुशांत की मौत के बाद क्यों जुड़ा दिशा सालियान का मामला?
सुशांत सिंह राजपूत की मौत से कुछ दिन पहले उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की भी मौत हुई थी। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई में एक इमारत से गिरने के बाद हुई थी।
दोनों घटनाओं के बीच समय का अंतर होने की वजह से लंबे समय तक सोशल मीडिया और सार्वजनिक बहस में इन मामलों को एक साथ जोड़कर चर्चा की जाती रही है। हालांकि, दोनों मामलों से जुड़े दावों और निष्कर्षों को अलग-अलग जांच एवं आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर देखना जरूरी है।

दिशा सालियान केस में फिर शुरू हुई जांच
दिशा सालियान की मौत का मामला भी हाल में फिर चर्चा में आया है। रिपोर्टों के अनुसार, सितंबर 2026 में बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई ने इस मामले की जांच आगे बढ़ाई।
जांच एजेंसी द्वारा मामले से जुड़े रिकॉर्ड, बयानों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। इस घटनाक्रम के बाद सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े पुराने सवाल भी एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बने हैं।
सुशांत सिंह राजपूत केस में श्वेता के दावे कितने अहम हैं?
श्वेता सिंह कीर्ति के हालिया बयान ने सुशांत की मौत से जुड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है। लेकिन उनके द्वारा बताए गए नए दावों और 2020 में सार्वजनिक रूप से रिपोर्ट की गई पोस्टमार्टम जानकारी में अंतर है।
इसलिए इन दावों को फिलहाल आरोप या कथित जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए। किसी अंतिम निष्कर्ष के लिए आधिकारिक दस्तावेज, जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और प्रमाणित साक्ष्यों को आधार बनाना जरूरी होगा।
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