बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त इन दिनों अपने एक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में वह शेखर सुमन के पॉडकास्ट में पहुंचे थे, जहां बातचीत के दौरान उन्होंने भारत में अब शांति महसूस न होने की बात कही थी। अभिनेता की इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी और कई यूजर्स ने उनके बयान पर नाराजगी जताई।
विवाद बढ़ने के बाद अब संजय दत्त ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात स्पष्ट की है। अभिनेता ने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया और उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
संजय दत्त के किस बयान पर हुआ विवाद?
शेखर सुमन के पॉडकास्ट में संजय दत्त से भारत में रहने के अनुभव और बदलते माहौल को लेकर चर्चा हुई। इसी बातचीत के दौरान अभिनेता ने कहा कि उन्हें अब भारत में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती।
उनकी यह टिप्पणी सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया। कुछ यूजर्स ने उनके बयान को लेकर सवाल उठाए, जबकि कई लोगों ने अभिनेता की आलोचना भी की। मामला बढ़ता देख संजय दत्त ने खुद इस टिप्पणी पर सफाई देना जरूरी समझा।
Sanjay Dutt: "Ek peace hona chahiye, I can’t feel that peace anymore in India."
But what kind of "peace" is he talking about?
If there is no peace in India, then where is it? In our neighbouring countries? https://t.co/IKl8xHK3eJ
— Amit Kumar Sindhi (@AMIT_GUJJU) October 3, 2026
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Sanjay Dutt ने विवाद पर दी सफाई
संजय दत्त ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर अपने बयान का संदर्भ समझाया। अभिनेता ने स्पष्ट किया कि उनकी मंशा किसी भी व्यक्ति, समुदाय या संस्था का अपमान करने की नहीं थी।
उन्होंने यह भी कहा कि वह भारत के लोगों से मिलने वाले प्यार और उनकी मेहमाननवाजी की दिल से कद्र करते हैं। हालांकि, बातचीत के दौरान उन्होंने यह महसूस किया कि समय के साथ कई चीजें बदल चुकी हैं और इसी संदर्भ में उन्होंने अपनी राय रखी थी।
‘मेरी बातों का गलत मतलब निकाला गया’
अभिनेता के मुताबिक, पॉडकास्ट में हुई बातचीत पहले से तय स्क्रिप्ट के आधार पर की गई थी। इसका अंदाज हल्का-फुल्का और मजाकिया रखा गया था। संजय दत्त ने कहा कि दुर्भाग्य से उनकी कही गई बातों को उस संदर्भ से अलग करके समझा गया, जिसमें वह कही गई थीं।
उन्होंने साफ किया कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाना या किसी का अनादर करना नहीं था। अभिनेता की सफाई के बाद अब यह विवाद एक बार फिर चर्चा में है।
I would like to clarify that it was never my intention to hurt, offend, or disrespect the sentiments of any individual, community, or institution.
My remarks were made in the context of a scripted conversation intended to be light-hearted and humorous. The spirit behind them was similar to the humour and satire seen in films like Munna Bhai, particularly the concept of 'Gandhigiri,' which was intended to convey a message of love, warmth, togetherness, and goodwill. Unfortunately, my words were interpreted outside of that intended context.
— Sanjay Dutt (@duttsanjay) October 4, 2026
भारतीयों के प्यार और मेहमाननवाजी की तारीफ
संजय दत्त ने अपनी सफाई में भारतीयों के प्यार और मेहमाननवाजी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह देश के लोगों से मिलने वाले स्नेह की कद्र करते हैं।
अभिनेता की बातों से साफ है कि उनका विवादित बयान भारत या भारतीयों के प्रति किसी तरह की नफरत या अनादर के तौर पर नहीं था, बल्कि बातचीत के संदर्भ में कही गई टिप्पणी थी।
‘खलनायक रिटर्न्स’ में दिखेंगे संजय दत्त
वर्कफ्रंट की बात करें तो संजय दत्त जल्द ही ‘खलनायक रिटर्न्स’ में नजर आने वाले हैं। यह फिल्म उनकी 1993 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘खलनायक’ की अगली कड़ी है।
फिल्म को लेकर संजय दत्त के फैंस के बीच पहले से ही काफी उत्सुकता है। अब अभिनेता अपने विवादित बयान की सफाई के साथ-साथ अपनी आगामी फिल्म को लेकर भी सुर्खियों में बने हुए हैं।
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