बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा के लिए 22 सितंबर 2026 का दिन उनके करियर के यादगार दिनों में शामिल हो गया। लगभग 25 साल लंबे फिल्मी सफर के बाद अभिनेता को पहली बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। फिल्म स्वातंत्र्य वीर सावरकर के लिए उन्हें बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर का पुरस्कार मिला। इस फिल्म में रणदीप ने अभिनय करने के साथ-साथ निर्देशन की जिम्मेदारी भी संभाली थी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों पुरस्कार हासिल करने के बाद रणदीप काफी भावुक दिखाई दिए। अवॉर्ड लेने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी लिन लैशराम और पिता डॉ. रणबीर सिंह हुड्डा को गले लगाया। इस दौरान उनकी आंखों में खुशी और भावुकता साफ नजर आई। परिवार के साथ अभिनेता की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बने।
नेशनल फिल्म अवॉर्ड लेते समय भावुक हुए रणदीप हुड्डा
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का आयोजन 22 सितंबर को गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में हुआ। इस बार का समारोह खास इसलिए भी रहा क्योंकि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह पहली बार दिल्ली से बाहर आयोजित किया गया।
रणदीप हुड्डा के लिए यह उपलब्धि इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने लगभग ढाई दशक तक अभिनेता के तौर पर काम करने के बाद निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा और अपनी पहली निर्देशित फिल्म के लिए ही राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान हासिल किया।
अवॉर्ड समारोह में सम्मान प्राप्त करने के बाद रणदीप ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए इसे अपने लंबे फिल्मी सफर के लिए खास पल बताया। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों तक अभिनेता के रूप में काम करने के बाद निर्देशक के तौर पर मिला यह सम्मान उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
Modi Modi karte raho, awards milte rahenge. 😏
— Political Budiya 👵 (@Politicalbua) September 22, 2026
Randeep Hooda has received the National Film Award for Best Debut Film of a Director for Swatantrya Veer Savarkar. pic.twitter.com/TCv3vhsMEr
पत्नी लिन लैशराम और पिता को लगाया गले
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद रणदीप हुड्डा का सबसे भावुक पल उस समय देखने को मिला, जब वह अपने परिवार के पास पहुंचे। उन्होंने पत्नी लिन लैशराम को गले लगाया और इसके बाद पिता डॉ. रणबीर सिंह हुड्डा के साथ भी भावुक पल साझा किया।
रणदीप की इस प्रतिक्रिया से साफ था कि यह सम्मान उनके लिए सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके परिवार के लिए भी गर्व का क्षण था। लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय अभिनेता ने अपने करियर में कई चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं और अब निर्देशक के रूप में भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।
A special moment for #RandeepHooda as he celebrates his National Film Award win with his family. The actor-director received the Best Debut Film of a Director award for #SwatantryaVeerSavarkar at the 72nd National Film Awards. ❤️#Trending pic.twitter.com/UgmHDWoy0K
— Filmfare (@filmfare) September 22, 2026
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रणदीप हुड्डा के नेशनल अवॉर्ड से जुड़े खास आंकड़े
- 25 साल: अभिनेता के फिल्मी करियर को करीब 25 साल पूरे हो चुके हैं।
- पहला नेशनल अवॉर्ड: यह रणदीप हुड्डा का पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार है।
- अवॉर्ड कैटेगरी: बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर।
- फिल्म: स्वातंत्र्य वीर सावरकर।
- रिलीज: 22 मार्च 2024।
- निर्देशक: रणदीप हुड्डा।
- मुख्य भूमिका: विनायक दामोदर सावरकर के किरदार में रणदीप हुड्डा।
- अवॉर्ड समारोह: 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स।
- स्थान: एकता नगर, केवड़िया, गुजरात।
- पुरस्कार प्रदान करने वाली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू।
अभिनय से निर्देशन तक रणदीप हुड्डा का सफर
रणदीप हुड्डा ने अपने अभिनय करियर में अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी पहचान बनाई। मॉनसून वेडिंग से फिल्मी सफर शुरू करने के बाद वह डी, वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई, साहिब बीवी और गैंगस्टर, जन्नत 2, कॉकटेल, जिस्म 2, हाइवे, किक, सुल्तान, सरबजीत और बागी 2 जैसी फिल्मों का हिस्सा रहे।
उनके करियर में सरबजीत को एक महत्वपूर्ण फिल्म माना जाता है, जिसमें उन्होंने काफी चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाई थी। किरदार के अनुसार अपने लुक और शारीरिक बदलाव के लिए भी रणदीप कई बार सुर्खियों में रहे हैं।
अब स्वातंत्र्य वीर सावरकर के जरिए उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने के बाद अभिनेता-निर्देशक ने यह भी संकेत दिया है कि वह भविष्य में निर्देशन का काम जारी रखना चाहते हैं।

रणदीप ने बताई आगे की प्लानिंग
राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद रणदीप हुड्डा ने अपने भविष्य के प्रोजेक्ट्स को लेकर भी बात की। उन्होंने बताया कि उनके पास दो स्क्रिप्ट तैयार हैं और वह आने वाले समय में उन्हें प्रोडक्शन में ले जाने की दिशा में काम करना चाहते हैं।
हालांकि अभिनय उनके करियर का प्रमुख हिस्सा रहा है, लेकिन स्वातंत्र्य वीर सावरकर के बाद निर्देशन भी उनके फिल्मी सफर का अहम हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय पुरस्कार उनके लिए इस नई जिम्मेदारी में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गया है।

क्या है 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' की कहानी?
स्वातंत्र्य वीर सावरकर एक बायोग्राफिकल ड्रामा फिल्म है, जो विनायक दामोदर सावरकर के जीवन और उनके राजनीतिक-सामाजिक सफर पर केंद्रित है। फिल्म में रणदीप हुड्डा ने सावरकर की मुख्य भूमिका निभाने के साथ इसका निर्देशन भी किया।
फिल्म में अंकिता लोखंडे ने यमुनाबाई सावरकर का किरदार निभाया है। कहानी में सावरकर के जीवन के अलग-अलग दौर और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े घटनाक्रमों को सिनेमाई रूप में दिखाया गया है।
फिल्म 22 मार्च 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। बाद में इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर भी उपलब्ध कराया गया।
ZEE5 पर देख सकते हैं फिल्म
अगर आपने स्वातंत्र्य वीर सावरकर अभी तक नहीं देखी है, तो फिल्म को ZEE5 पर स्ट्रीम किया जा सकता है। प्लेटफॉर्म की लिस्टिंग के अनुसार फिल्म की अवधि करीब 2 घंटे 50 मिनट है और यह हिंदी तथा मराठी भाषाओं में उपलब्ध है।
फिल्म में रणदीप हुड्डा और अंकिता लोखंडे के अलावा अमित सियाल, राजेश खेड़ा समेत कई कलाकार नजर आते हैं।
रणदीप हुड्डा के लिए यादगार बन गया 2026
करीब 25 साल तक अभिनेता के रूप में दर्शकों का मनोरंजन करने के बाद रणदीप हुड्डा ने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा। उनकी फिल्म स्वातंत्र्य वीर सावरकर के लिए मिला नेशनल फिल्म अवॉर्ड उनके करियर में एक नया अध्याय जोड़ता है।
पुरस्कार लेने के बाद पत्नी लिन लैशराम और पिता को गले लगाते रणदीप का भावुक पल इस उपलब्धि की खुशी को और खास बना गया। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में अभिनेता-निर्देशक के तौर पर वह किन नई कहानियों को पर्दे पर लेकर आते हैं।
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