दिशा पाटनी बॉलीवुड में अपने पहले दशक को याद करते हुए एक अभिनेत्री के तौर पर आए बदलावों पर बात कर रही हैं। हाल ही में द ट्रिब्यून के साथ एक इंटरव्यू में अभिनेत्री ने एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी से अपने डेब्यू को याद किया और बताया कि पहली बार फिल्म के सेट पर कदम रखने के बाद से उन्होंने कितना कुछ सीखा है।

फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को समझने से लेकर किरदारों को निभाने और निर्देशन के अनुसार खुद को ढालने तक, दिशा का कहना है कि उनके सफर ने उन्हें अपने अभिनय को लेकर ज्यादा आत्मविश्वासी बनाया है। हालांकि, अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि आत्मविश्वास का मतलब यह नहीं है कि वह आरामदायक या पूर्वानुमानित दायरे में रहना चाहती हैं। दिशा के लिए हर नया किरदार एक अलग चुनौती लेकर आता है और यही जिज्ञासा उनके लिए अभिनय को दिलचस्प बनाए रखती है।

दिशा पाटनी ने अपने बॉलीवुड डेब्यू को किया याद

Disha Patani
Image Source: X

दिशा ने एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इस फिल्म ने उन्हें बिल्कुल नए माहौल से परिचित कराया। अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि जब उन्होंने इंडस्ट्री में काम शुरू किया था, तब लगभग हर चीज से अनजान थीं। उन्हें फिल्म के सेट के काम करने के तरीके को समझना था, कैमरे का सामना करना सीखना था और यह जानना था कि कोई अभिनेता किरदार को पर्दे पर किस तरह पेश करता है।

निर्देशन को समझना और फिल्म निर्माण की प्रक्रिया के अनुसार खुद को ढालना भी उनके सीखने के सफर का हिस्सा रहा। इस अनुभव ने दिशा को अभिनय की चुनौतियों की शुरुआती समझ दी और हिंदी सिनेमा में उनके एक दशक लंबे सफर की नींव रखी।

सहज अभिनय से बढ़े आत्मविश्वास तक

दिशा का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में उनके अभिनय के तरीके में काफी बदलाव आया है। शुरुआत में वह अपनी सहज प्रवृत्ति पर ज्यादा निर्भर रहती थीं और बिना अभिनय की गहरी समझ के परिस्थितियों के अनुसार स्वाभाविक प्रतिक्रिया देती थीं। अनुभव के साथ उन्होंने यह बेहतर समझ विकसित की है कि किसी किरदार को क्या चाहिए और किसी दृश्य को किस तरह निभाना है।

अब वह अपनी सहज प्रवृत्ति पर ज्यादा भरोसा करती हैं और साथ ही अभिनय के तकनीकी पहलुओं को भी बेहतर तरीके से समझती हैं। हालांकि, इस आत्मविश्वास ने उन्हें यह महसूस नहीं कराया कि उन्होंने सब कुछ सीख लिया है। इसके बजाय, दिशा हर प्रोजेक्ट को कुछ नया सीखने का एक और अवसर मानती हैं।

Also read: विद्युत जामवाल का 20 मिनट ध्यान वीडियो हुआ वायरल, फैंस हैरान

दिशा खुद को एक ही छवि तक सीमित नहीं करना चाहतीं

Disha Patani.avif
Image Source: X

दिशा के करियर का एक अहम हिस्सा यह है कि वह खुद को पर्दे की किसी एक छवि तक सीमित नहीं करना चाहतीं। बॉलीवुड में एक दशक पूरा करने के बाद अभिनेत्री अलग-अलग किरदारों को तलाशना जारी रखना चाहती हैं, बजाय इसके कि कोई एक भूमिका या व्यक्तित्व उनके पूरे करियर की पहचान बन जाए।

उनकी बातों से यह भी पता चलता है कि अपने सफर को लेकर उनका नजरिया बदला है। दर्शक उन्हें किस तरह देखते हैं, इस पर ध्यान देने के बजाय दिशा अपने चुने हुए किरदारों के जरिए खुद को चुनौती देने में ज्यादा दिलचस्पी रखती हैं।

हर नया किरदार दिशा के लिए अभिनय को बनाए रखता है रोमांचक

अनुभव बढ़ने के बावजूद दिशा नहीं चाहतीं कि उनका आत्मविश्वास आत्मसंतुष्टि में बदल जाए। उनका मानना है कि जिज्ञासा बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि हर किरदार अपने साथ कई सवाल और चुनौतियां लेकर आता है। अभिनेत्री के अनुसार, यही जिज्ञासा दस साल बाद भी इस पेशे को रोमांचक बनाए रखती है।

फिल्म निर्माण की प्रक्रिया की बुनियादी बातें सीखने वाली एक नई अभिनेत्री से लेकर अपने अभिनय को लेकर ज्यादा आश्वस्त कलाकार बनने तक, दिशा के सफर ने उन्हें इंडस्ट्री को देखने का एक अलग नजरिया दिया है। अपने करियर के अगले चरण में वह आगे बढ़ने, नए प्रयोग करने और खुद को किसी एक छवि तक सीमित न रखने पर ध्यान देती नजर आ रही हैं।

Also read: कृति सेनन की चोली पर मचा बवाल, ऐड विवाद पर बोलीं अभिनेत्री