कीर्ति सुरेश ने Kalki 2898 AD की मेकिंग से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है, जिसने फैंस को हैरान कर दिया है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री ने बताया कि निर्देशक नाग अश्विन ने उन्हें पहले फिल्म में एक ऑन-स्क्रीन किरदार ऑफर किया था। हालांकि, उन्होंने उस रोल को ठुकरा दिया। बाद में वह फिल्म से एक बिल्कुल अलग अंदाज में जुड़ीं और प्रभास के किरदार भैरवा की एआई साथी बुज्जी को अपनी आवाज दी। अब पीछे मुड़कर देखने पर कीर्ति का कहना है कि उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है। उनके मुताबिक, जो हुआ वही सही हुआ।

पहले मिला था दूसरा किरदार
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कीर्ति ने बताया कि नाग अश्विन से उनकी पहली बातचीत बुज्जी को लेकर नहीं हुई थी। उन्हें फिल्म में एक लाइव-एक्शन रोल ऑफर किया गया था, लेकिन उस समय वह उस किरदार से पूरी तरह जुड़ाव महसूस नहीं कर पाईं। इसलिए उन्होंने विनम्रता से मना कर दिया। इसके बाद निर्देशक ने उन्हें दोबारा संपर्क किया और बुज्जी को आवाज देने का प्रस्ताव रखा। यही वह मजाकिया और स्मार्ट एआई किरदार था, जिसने बाद में दर्शकों का दिल जीत लिया।
कीर्ति ने कहा कि उन्हें "वाकई खुशी है" कि उन्होंने पहला रोल नहीं किया। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह किरदार कौन-सा था। इसी वजह से फैंस के बीच उत्सुकता और बढ़ गई है।
बुज्जी बनी फिल्म की सबसे पसंदीदा किरदारों में से एक
भले ही कीर्ति स्क्रीन पर नजर नहीं आईं, लेकिन उनकी आवाज ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। भैरवा और बुज्जी की मजेदार नोकझोंक फिल्म के सबसे मनोरंजक हिस्सों में गिनी गई। इस किरदार को इतनी लोकप्रियता मिली कि फिल्म रिलीज होने से पहले बुज्जी एंड भैरवा नाम की एनिमेटेड प्रीक्वल सीरीज भी बनाई गई।
कीर्ति ने बताया कि बुज्जी के लिए डबिंग करना उनके लिए बिल्कुल नया अनुभव था। उन्होंने अलग-अलग भाषाओं में कई तरह की वॉइस मॉड्यूलेशन आजमाईं, जिससे यह काम उनके लिए और भी खास बन गया।

फैंस अब भी लगा रहे हैं अंदाजे
कीर्ति के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। कई फैंस यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर उन्हें कौन-सा किरदार ऑफर हुआ था। इंटरनेट पर कई तरह की थ्योरी सामने आई हैं, लेकिन न तो कीर्ति और न ही नाग अश्विन ने अब तक इस रहस्य से पर्दा उठाया है।
दिलचस्प बात यह है कि अब कई दर्शकों का मानना है कि पहला रोल छोड़ना उनके लिए सही फैसला साबित हुआ, क्योंकि बुज्जी फिल्म की सबसे यादगार किरदारों में से एक बन गई।
अलग तरह के किरदार चुनने के लिए जानी जाती हैं कीर्ति
कीर्ति सुरेश हमेशा से अपने अलग चुनावों के लिए पहचानी जाती हैं। दक्षिण भारतीय फिल्मों से लेकर हिंदी सिनेमा तक उन्होंने कई तरह के किरदार निभाए हैं। बुज्जी को आवाज देना भी इसी सफर का एक अलग और अनोखा पड़ाव था, जिसने उनकी बहुमुखी प्रतिभा को फिर साबित किया। यही वजह है कि आज उन्हें अपनी पीढ़ी की सबसे सम्मानित अभिनेत्रियों में गिना जाता है।

Final Take
फिल्मी दुनिया में कलाकार अक्सर कई बड़े रोल ठुकराते हैं, लेकिन कीर्ति सुरेश की कहानी बताती है कि कभी-कभी एक "ना" आपको उससे भी बेहतर मौके तक पहुंचा देती है। भले ही आज तक यह रहस्य बना हुआ है कि उन्होंने Kalki 2898 AD का कौन-सा किरदार छोड़ा था, लेकिन इतना तय है कि बुज्जी की आवाज बनकर उन्होंने दर्शकों के दिलों में खास जगह बना ली। किरदार को मिले प्यार को देखकर यही लगता है कि उनका फैसला बिल्कुल सही था।

