फिल्म दायरा एक हिंदी अपराध रोमांचक फिल्म है, जिसका निर्देशन मेघना गुलजार ने किया है। फिल्म में करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन मुख्य भूमिकाओं में हैं। कहानी एक बलात्कार और हत्या के मामले के बाद न्याय को लेकर दो पुलिस अधिकारियों की बिल्कुल अलग सोच पर केंद्रित है। फिल्म में करीना कपूर खान ने डीसीपी अजूनी कोहली और पृथ्वीराज सुकुमारन ने डीसीपी रमन कुमार का किरदार निभाया है।
दायरा फिल्म की पूरी जानकारी
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| फिल्म का नाम | दायरा |
| रिलीज की तारीख | 18 सितंबर 2026 |
| शैली | अपराध, ड्रामा, रोमांच |
| निर्देशक | मेघना गुलजार |
| लेखक | मेघना गुलजार, यश केस्वानी, सीमा अग्रवाल |
| निर्माता | विनीत जैन, जयंतीलाल गड़ा, धवल गड़ा |
| मुख्य कलाकार | करीना कपूर खान, पृथ्वीराज सुकुमारन |
| ओटीटी मंच | नेटफ्लिक्स |
| रेटिंग | 3/5 |
फिल्म की अवधि करीब दो घंटे है और इसे 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज किया गया। यह एक जांच आधारित अपराध ड्रामा है, जो अपराध, सजा और न्याय के बीच के जटिल संबंधों को सामने लाने की कोशिश करता है।
दायरा की कहानी
डीसीपी रमन कुमार (पृथ्वीराज सुकुमारन) उस समय सुर्खियों में आ जाते हैं, जब वह अपनी टीम के साथ 24 वर्षीय रागिनी पूजारी की पिटाई और हत्या के जिम्मेदार चार लोगों को मार गिराते हैं। पुलिस की इस कार्रवाई की लोग तारीफ करते हैं, लेकिन जल्द ही सवाल उठने लगते हैं कि यह मुठभेड़ वास्तव में हुई थी या इसे बनाया गया था। आंतरिक सतर्कता विभाग का हिस्सा डीसीपी अजूनी कोहली (करीना कपूर खान) को इस मुठभेड़ की जांच की जिम्मेदारी दी जाती है।
वह सूर्यापुर पहुंचती हैं और चारों आरोपियों की हत्या से पहले हुई घटनाओं की पड़ताल शुरू करती हैं। जांच में सामने आता है कि रागिनी के लापता होने के बाद उसके परिवार को मदद हासिल करने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उनकी शिकायत समय पर दर्ज नहीं हुई, एक थाने से दूसरे थाने तक शिकायत पहुंचाने में देरी हुई और सबूतों में भी कुछ महत्वपूर्ण कमी थी। इसके बाद फिल्म अजूनी की जांच और रमन के न्याय को लेकर नजरिए के बीच टकराव को आगे बढ़ाती है।
#Daayra [4/5] : ⭐⭐⭐⭐
— Ramesh Bala (@rameshlaus) September 16, 2026
RIVETING! 🔥
A gripping investigative thriller backed by a solid police procedural.
Instant Justice vs Law taking its own course..
The case is very similar to the 2019 Telangana Vetenary doctor rape - murder - encounter case..
Rape, murder and… pic.twitter.com/BHC6hLHWUO
दायरा रिव्यू: मजबूत सवाल, लेकिन असर सीमित
फिल्म का कथानक उस समय ज्यादा प्रभावी लगता है, जब अजूनी रागिनी के लापता होने से जुड़ी घटनाओं की तह तक पहुंचती हैं। यह हिस्सा असहज होने के साथ प्रभावी भी है, क्योंकि इससे समझ आता है कि मामला अदालत तक पहुंचने से पहले ही व्यवस्था के स्तर पर विफलता की गुंजाइश मौजूद रहती है। इसके अलावा, दायरा अजूनी और रमन के दिलचस्प किरदार पेश करता है, जिनके विचार एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं।
अजूनी का मानना है कि सही प्रक्रिया और कानूनी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए, जबकि रमन को लगता है कि मौजूदा व्यवस्था में कई कमियां हैं। फिल्म यह तय नहीं करती कि दोनों में से किसकी सोच सही है और इसी वजह से केंद्रीय संघर्ष को एक अतिरिक्त गहराई मिलती है। हालांकि, फिल्म अजूनी की पृष्ठभूमि को ठीक तरह से विकसित नहीं कर पाती। वह एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की बेटी हैं, जिनकी अदालत परिसर में हत्या कर दी गई थी।
यह उनके किरदार में भावनात्मक परत जोड़ सकता था। दुर्भाग्य से, फिल्म इस पहलू को काफी जल्दी पार कर जाती है। एक और कमी अजूनी और रमन के बीच होने वाला टकराव है, जो पिछली घटनाओं की तुलना में काफी शांत नजर आता है। पूरी फिल्म में दोनों के अलग-अलग विचार विकसित किए जाते हैं, लेकिन अंतिम टकराव उतना प्रभावशाली नहीं बन पाता।
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करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन ने संभाली मजबूत अदाकारी
करीना कपूर खान का अजूनी के रूप में अभिनय काफी संयमित है। वह आक्रामक पुलिस अधिकारी की तरह व्यवहार करने के बजाय अपने दृश्यों में नियंत्रण बनाए रखती हैं। रागिनी के परिवार के साथ उनके दृश्यों में उनका अभिनय खास तौर पर प्रभावी लगता है। पृथ्वीराज सुकुमारन रमन कुमार के किरदार में काफी विश्वसनीय हैं। रमन को अपने तरीके से काम करने पर विश्वास है और उसे लगता है कि मौजूदा व्यवस्था ने उसे निराश किया है।
उनके किरदार को इस तरह पेश किया गया है कि दर्शक रमन की सोच को समझ पाते हैं, बिना उसे एकतरफा या अतिरंजित बनाए। जितेंद्र जोशी, बिस्वपति सरकार और कंवलजीत सिंह का अभिनय भी सराहनीय है, जबकि रागिनी की मां के रूप में क्षिती जोग का प्रदर्शन प्रभावशाली है।
#DaayraReview: SOLID THRILLER
— Sumit Kadel (@SumitkadeI) September 16, 2026
Rating - ⭐️⭐️⭐️🌟 ( 3.5 )
Meghna Gulzar is BACK WITH A BANG in the thriller genre after Talvar.#Daayra is a gripping, disturbing and hard-hitting thriller that keeps you hooked and booked from start to finish. The film takes a sensitive case… pic.twitter.com/xKrw4WMIT5
तकनीकी पक्ष और दृश्य प्रस्तुति
मेघना गुलजार यह सुनिश्चित करती हैं कि फिल्म गंभीर और वास्तविक धरातल पर बनी रहे। फिल्म के जांच वाले दृश्य उन हिस्सों की तुलना में बेहतर काम करते हैं, जो इसे एक पारंपरिक बिल्ली-चूहे के खेल वाली रोमांचक फिल्म बनाने की कोशिश करते हैं। फिल्म का ध्यान एक्शन या रोमांच के बजाय न्याय से जुड़े सवाल उठाने पर ज्यादा है।
पटकथा अजूनी और रमन दोनों को पर्याप्त समय देती है, लेकिन कुछ भावनात्मक उपकथाएं ठीक से विकसित नहीं हो पातीं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि फिल्म एक बड़े वैचारिक टकराव की ओर बढ़ती है, लेकिन अंतिम दृश्य उस उम्मीद के मुताबिक प्रभाव पैदा नहीं कर पाता।
कमजोर पक्ष क्या हैं?
- किरदारों की परतों का पूरी तरह विकसित न होना
- अंतिम टकराव का फीका रहना
- भावनात्मक गहराई का सीमित होना
- रोमांच वाले हिस्सों में असमानता
क्या दायरा देखना चाहिए?
इसे देखें अगर:
- आपको गंभीर अपराध ड्रामा पसंद हैं।
- आपको मेघना गुलजार की फिल्में पसंद हैं।
- आप करीना कपूर के अभिनय को पसंद करते हैं।
- आपको न्याय से जुड़ी कहानियां पसंद हैं।
इसे छोड़ सकते हैं अगर:
- आप ज्यादा एक्शन वाली रोमांचक फिल्म चाहते हैं।
- आपको लगातार रोमांच और तनाव की उम्मीद है।
- आपको सीधी-सपाट अपराध कहानियां पसंद हैं।
- आपको गंभीर सामाजिक विषय पसंद नहीं हैं।
#DaayraReview: DISTURBING & HARD-HITTING CINEMA!
— $@M (@SAMTHEBESTEST_) September 16, 2026
RATING - ⭐ ⭐ ⭐ ⭐ 4/5*
The pre-climax scene of #Daayra will leave you NUMB for sure. The parallel storytelling of a cruelty and justice is where it becomes an ABSOLUTE CINEMA! #MeghnaGulzar knows what the true storytelling… pic.twitter.com/85uCWYgd9F
अंतिम फैसला
दायरा का विषय स्पष्ट है, जिसमें करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन दो ऐसे पुलिस अधिकारियों की भूमिका निभाते हैं, जो न्याय से जुड़े एक मुश्किल मामले पर अलग-अलग पक्ष रखते हैं। रागिनी के मामले की जांच फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा बनकर सामने आती है, खासकर इसलिए क्योंकि यह प्रभावित परिवारों के सामने आने वाली संस्थागत विफलताओं की चुनौतियों को उजागर करती है।
हालांकि, फिल्म अपने केंद्रीय संघर्ष का पूरी तरह फायदा नहीं उठा पाती। अजूनी की निजी कहानी को पर्याप्त जगह नहीं मिलती और चरम टकराव भी उतना भावनात्मक नहीं बन पाता, जितनी उम्मीद की जाती है।
रेटिंग: 3/5
कुल मिलाकर, दायरा उन दर्शकों के लिए एक बार देखने लायक फिल्म है, जिन्हें गंभीर अपराध ड्रामा और न्याय, कानून तथा नैतिकता से जुड़ी कहानियां पसंद हैं। इसमें मजबूत अभिनय और महत्वपूर्ण सवाल हैं, लेकिन फिल्म अपनी कई बड़ी संभावनाओं को पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाती।
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