फिल्म 'भाई तेरा स्टार है' का नाम सुनकर उम्मीद होती है कि यह एक हल्की-फुल्की और मनोरंजन से भरपूर कॉमेडी फिल्म होगी, लेकिन फिल्म देखने के बाद यह एहसास होता है कि इसका शीर्षक और कहानी एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। आज के दौर में जहां दर्शक मजबूत कंटेंट और दमदार कहानी को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं, वहीं यह फिल्म अपनी कमजोर पटकथा और बिखरे हुए स्क्रीनप्ले के कारण प्रभावित करने में नाकाम रहती है।

फिल्म की कहानी एक रात के घटनाक्रम पर आधारित है, लेकिन शुरुआत से अंत तक यह सवाल बना रहता है कि आखिर फिल्म किस दिशा में जाना चाहती है। कई किरदारों को जोड़ने की कोशिश की गई है, लेकिन उनके रिश्तों और सोच को समझाने का तरीका कहानी को और उलझा देता है। स्क्रीन पर किरदारों के संबंध बताने वाले टेक्स्ट और जरूरत से ज्यादा नाटकीय प्रस्तुति दर्शकों का ध्यान भटकाती है।

Bhai Tera Star Hai Profile
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भाई तेरा स्टार है मूवी डिटेल्स

श्रेणीविवरण
मूवी का नामभाई तेरा स्टार है
रिलीज की तारीख30 जुलाई 2026
शैलीकॉमेडी ड्रामा
निर्देशकविवेक बी. अग्रवाल
लेखकविवेक बी. अग्रवाल, सुदीप्तो सरकार
निर्माताविवेक बी. अग्रवाल, अवंतिका हरि, सुनील रुपाणी
मुख्य कलाकारराघव जुयाल, संजय कपूर, निहारिका एन एम, पार्वती ओमानाकुट्टन, विवान भटेना
भाषाहिंदी
रनटाइम2 घंटे 30 मिनट
रेटिंग⭐⭐☆☆☆ (2/5)

'भाई तेरा स्टार है' की कहानी

फिल्म की कहानी लंदन में रहने वाले फैटी (संजय कपूर) और संघर्ष कर रहे कलाकार अजय (राघव जुयाल) के आसपास घूमती है। अजय ने फैटी से 10 हजार पाउंड उधार लिए हैं और पैसे वापस न मिलने पर फैटी उसे धमकी देता है और अपने आदमियों को उसके पीछे लगा देता है।

पैसों की परेशानी में फंसा अजय अपनी गर्लफ्रेंड रौशनी (निहारिका एन एम) और बहन नताशा (पार्वती ओमानाकुट्टन) से कई झूठ बोल चुका होता है। दूसरी तरफ रौशनी का भाई सिड (विवान भटेना) भी कई लोगों को पैसे उधार दे चुका है और रौशनी उससे भी मदद मांगती है।

इसके बाद पैसों की व्यवस्था करने के चक्कर में गलतफहमियां, अजीब परिस्थितियां और बेतुके घटनाक्रम सामने आते हैं। फिल्म कॉमेडी बनाने की कोशिश करती है, लेकिन ज्यादातर मौकों पर हास्य की जगह जबरदस्ती की फूहड़ता नजर आती है।

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कमजोर लेखन ने बिगाड़ा फिल्म का असर

फिल्म की सबसे बड़ी समस्या इसकी कहानी और स्क्रीनप्ले है। कई घटनाएं बिना किसी मजबूत वजह के दिखाई गई हैं, जिससे पूरी फिल्म बिखरी हुई महसूस होती है। किरदारों के बीच जुड़ाव पैदा नहीं हो पाता और दर्शक किसी भी पात्र के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने में असफल रहते हैं।

निर्देशक ने कॉमेडी और अराजकता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है, लेकिन कमजोर लेखन के कारण फिल्म का प्रभाव कम हो जाता है। खासतौर पर लंदन पुलिस को जिस तरह पेश किया गया है, वह काफी अविश्वसनीय और बचकाना लगता है।

राघव जुयाल की ओवरएक्टिंग ने किया निराश

राघव जुयाल ने इससे पहले अपनी एक्टिंग क्षमता 'किल' और वेब सीरीज 'बैड्स ऑफ बॉलीवुड' जैसे प्रोजेक्ट्स में दिखाई है। लेकिन इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाते हुए वह अपने किरदार को प्रभावशाली बनाने में सफल नहीं हो पाते।

उनकी कॉमिक टाइमिंग और एनर्जी कई जगह नजर आती है, लेकिन जरूरत से ज्यादा एक्सप्रेशन और ओवरएक्टिंग किरदार को कमजोर बना देते हैं। एक मजबूत कहानी मिलने पर उनका प्रदर्शन बेहतर हो सकता था।

सपोर्टिंग कास्ट भी नहीं छोड़ पाई प्रभाव

संजय कपूर, निहारिका एन एम, पार्वती ओमानाकुट्टन, विवान भटेना, निकी अनेजा वालिया और चंदन राय सान्याल जैसे कलाकार फिल्म का हिस्सा हैं, लेकिन कमजोर किरदारों के कारण उनकी प्रतिभा का सही इस्तेमाल नहीं हो पाता।

कई अनुभवी कलाकारों की मौजूदगी के बावजूद फिल्म में ऐसे यादगार पल नहीं बन पाते जो दर्शकों को लंबे समय तक याद रहें।

निर्देशन और तकनीकी पक्ष

फिल्म का निर्देशन और प्रस्तुति इसकी कमजोर पटकथा को संभाल नहीं पाती। कुछ दृश्यों में मनोरंजन पैदा करने की कोशिश की गई है, लेकिन लगातार आने वाले अनावश्यक ट्विस्ट और घटनाएं कहानी को और उलझा देती हैं।

फिल्म के अंत में राघव जुयाल की डांसिंग प्रतिभा दिखाने के लिए गाने जोड़े गए हैं, लेकिन यह प्रयास भी दर्शकों पर खास प्रभाव नहीं छोड़ता।

फिल्म की कमियां

  • कमजोर और बिखरी हुई कहानी
  • जरूरत से ज्यादा ओवरएक्टिंग
  • फूहड़ कॉमेडी पर ज्यादा निर्भरता
  • किरदारों का सही विकास नहीं
  • स्क्रीनप्ले में कई खामियां

क्या 'भाई तेरा स्टार है' देखनी चाहिए?

देखें अगर:

  • आप हल्की-फुल्की कॉमेडी फिल्में पसंद करते हैं।
  • आप राघव जुयाल के फैन हैं।
  • आप बिना ज्यादा उम्मीद के टाइमपास मनोरंजन चाहते हैं।

न देखें अगर:

  • आप मजबूत कहानी वाली फिल्में पसंद करते हैं।
  • आपको साफ-सुथरी और नेचुरल कॉमेडी चाहिए।
  • आप अच्छी पटकथा और दमदार किरदारों की उम्मीद रखते हैं।

फाइनल टेक

'भाई तेरा स्टार है' एक ऐसी फिल्म है जो अपने कॉमेडी कॉन्सेप्ट को प्रभावी तरीके से पेश नहीं कर पाती। कमजोर कहानी, बिखरी पटकथा और जरूरत से ज्यादा अभिनय फिल्म की सबसे बड़ी कमियां हैं। राघव जुयाल समेत पूरी स्टारकास्ट की कोशिश के बावजूद फिल्म दर्शकों को बांधने में असफल रहती है।

रेटिंग: ⭐⭐☆☆☆ (2/5)

अगर आप सिर्फ हल्के मनोरंजन के लिए फिल्म देखना चाहते हैं तो इसे एक मौका दे सकते हैं, लेकिन मजबूत कहानी और शानदार कॉमेडी की उम्मीद रखने वाले दर्शकों को निराशा हो सकती है।

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