निर्देशक Nachiket Samant की क्राइम थ्रिलर Baby Do Die Do एक दिलचस्प विचार के साथ शुरू होती है। फिल्म में Huma Qureshi, Sikander Kher, Chunky Pandey और Rachit Singh अहम भूमिकाओं में हैं। मुंबई की अंधेरी दुनिया पर बनी यह कहानी एक ऐसी गूंगी और बहरी महिला की है, जिसकी जिंदगी एक हत्या देखने के बाद पूरी तरह बदल जाती है। फिल्म की शुरुआत थोड़ी धीमी है, लेकिन दूसरे हिस्से में इसकी रफ्तार बढ़ती है। पहले भाग में पटकथा कमजोर लगती है, फिर भी कलाकारों का अभिनय और बदले की कहानी इसे आखिर तक देखने लायक बनाए रखते हैं।

Baby Do Die Do: फिल्म की जानकारी

श्रेणीविवरण
मूवी का नामबेबी करो मरो करो
रिलीज की तारीख3 जुलाई 2026
शैलीक्राइम थ्रिलर
निर्देशकनचिकेत सामंत
लेखकनचिकेत सामंत, गौरव शर्मा
निर्माताहुमा क़ुरैशी, साकिब सलीम
मुख्य कलाकारहुमा कुरेशी, सिकंदर खेर, चंकी पांडे, रचित सिंह
रेटिंग2.5/5

क्या है Baby Do Die Do की कहानी?

कहानी Baby (Huma Qureshi) की है, जो बोल और सुन नहीं सकती। उसकी अपनी जुड़वां बहन के साथ गहरी दोस्ती है। दोनों बेहतर जिंदगी का सपना देखते हुए एक आलीशान होटल में चुपके से पहुंच जाती हैं। लेकिन यह सफर अचानक डरावने मोड़ पर पहुंच जाता है, जब दोनों एक खौफनाक हत्या की गवाह बन जाती हैं। वहां से निकलने की कोशिश के दौरान एक बहन की हत्या हो जाती है। इस हादसे के बाद Baby टूट जाती है और अपनी बहन के कातिल का पता लगाने की ठान लेती है। सच की तलाश में उसका सामना कई खतरनाक अपराधियों से होता है। आगे की कहानी बदले, हिम्मत और इंसाफ की इसी जंग को दिखाती है।

दिलचस्प विचार, लेकिन कमजोर शुरुआत

फिल्म का मूल विचार काफी आकर्षक है, लेकिन पटकथा उसका पूरा फायदा नहीं उठा पाती। शुरुआती हिस्सा जरूरत से ज्यादा लंबा महसूस होता है। कई दृश्य खिंचे हुए लगते हैं और रोमांच लगातार बना नहीं रह पाता। मध्यांतर के बाद फिल्म का अंदाज़ बदल जाता है। जैसे ही बदले की कहानी आगे बढ़ती है, घटनाएं ज्यादा कसावट के साथ सामने आती हैं। इसके बाद फिल्म पहले से ज्यादा दिलचस्प लगती है। हालांकि कुछ मोड़ काफी आसान तरीके से आते हैं और दोनों बहनों के रिश्ते को भी थोड़ा और गहराई से दिखाया जा सकता था।

Huma Qureshi ने संभाली पूरी फिल्म

पूरी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत Huma Qureshi हैं। बिना संवाद बोले उन्होंने सिर्फ चेहरे के हावभाव और शारीरिक अभिनय से दुख, डर और बदले की भावना को प्रभावशाली ढंग से पेश किया है। उनका अभिनय कहानी की कमजोरियों के बावजूद दर्शकों को जोड़े रखता है। Sikander Kher भी अपने शांत लेकिन खतरनाक अंदाज़ से प्रभावित करते हैं। उनका किरदार मजबूत असर छोड़ता है। वहीं Chunky Pandey अपने हिस्से में अच्छा काम करते हैं और बाकी कलाकार भी कहानी के साथ ठीक तरह से फिट बैठते हैं।

तकनीकी पक्ष कैसा है?

फिल्म का माहौल इसकी सबसे बड़ी खूबियों में शामिल है। मुंबई की अपराध भरी दुनिया को भरोसेमंद तरीके से दिखाया गया है, जिससे कहानी और प्रभावशाली बनती है। पृष्ठभूमि संगीत कई जगह रोमांच बढ़ाता है और एक्शन दृश्य जरूरत से ज्यादा बनावटी नहीं लगते। हालांकि संपादन पहले हिस्से में कमजोर पड़ जाता है, जिसकी वजह से फिल्म की रफ्तार बार-बार टूटती है।

फिल्म की कमज़ोरियां

  • पहले हिस्से की धीमी रफ्तार
  • कमजोर पटकथा
  • असंतुलित गति
  • भावनात्मक असर थोड़ा कम

क्या Baby Do Die Do देखनी चाहिए?

देखें अगर:

  • बदले की कहानियां पसंद हैं।
  • Huma Qureshi का अभिनय देखना चाहते हैं।
  • किरदारों पर आधारित क्राइम फिल्में पसंद करते हैं।
  • धीमी रफ्तार वाली कहानी से परेशानी नहीं है।

छोड़ सकते हैं अगर:

  • तेज़ रफ्तार थ्रिलर चाहते हैं।
  • लगातार रोमांच की उम्मीद है।
  • चौंकाने वाले मोड़ पसंद करते हैं।
  • धीमी कहानी पसंद नहीं करते।

Final Take

Baby Do Die Do में एक अच्छी थ्रिलर बनने की पूरी संभावना थी, लेकिन कमजोर लेखन इसकी सबसे बड़ी रुकावट बन जाता है। पहला हिस्सा धैर्य मांगता है, जबकि दूसरा हिस्सा कहानी को संभालने की कोशिश करता है और ज्यादा रोचक बन जाता है। Huma Qureshi अपने शानदार अभिनय से फिल्म को मजबूती देती हैं। Sikander Kher भी प्रभाव छोड़ते हैं। भले ही पटकथा उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतरती, लेकिन कलाकारों का काम फिल्म को एक बार देखने लायक बना देता है।

रेटिंग: 2.5/5