अमेरिका अमेरिका 2 नागथिहल्ली चंद्रशेखर के निर्देशन में बनी कन्नड़ रोमांटिक फिल्म है। फिल्म में शान्वी श्रीवास्तव, पृथ्वी अंबर और निरूप भंडारी मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि मंड्या रमेश, अच्युत कुमार, मानसी सुधीर और ऋतु सिंह सहायक भूमिकाओं में नजर आते हैं। फिल्म 11 सितंबर 2026 को रिलीज हुई है और यह नागथिहल्ली द्वारा लिखी गई किताब ‘क्षम’ से रूपांतरित है। कहानी प्यार, शादी, माफी और उन फैसलों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनका सामना व्यक्ति को तब करना पड़ता है जब उसका अतीत उसके वर्तमान में लौट आता है।
अमेरिका अमेरिका 2 फिल्म की जानकारी
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| फिल्म का नाम | अमेरिका अमेरिका 2 |
| रिलीज की तारीख | 11 सितंबर 2026 |
| शैली | रोमांटिक ड्रामा |
| निर्देशक | नागथिहल्ली चंद्रशेखर |
| लेखक | सहाना विजयकुमार |
| निर्माता | नागथिहल्ली चंद्रशेखर |
| मुख्य कलाकार | शान्वी श्रीवास्तव, पृथ्वी अंबर, निरूप भंडारी, मंड्या रमेश, अच्युत कुमार, मानसी सुधीर, ऋतु सिंह |
| ओटीटी मंच | घोषणा नहीं हुई है |
| रेटिंग | 3/5 |
फिल्म की अवधि करीब 2 घंटे 22 मिनट है और इसे 11 सितंबर 2026 को कन्नड़ भाषा में सिनेमाघरों में रिलीज किया गया है।
अमेरिका अमेरिका 2 की कहानी
नुड़ी (शान्वी श्रीवास्तव) एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता इंजीनियर है, जिसकी जिंदगी उसके करियर के इर्द-गिर्द घूमती है। काम के सिलसिले में वह सिएटल पहुंचती है, लेकिन वहां उसकी मुलाकात अतीत में जानने वाले नील (पृथ्वी अंबर) से हो जाती है। यह मुलाकात नुड़ी के उन पुराने अनुभवों को फिर सामने ले आती है, जिन्हें वह पीछे छोड़ने की कोशिश कर चुकी थी।
इसी दौरान निनाद (निरूप भंडारी) के साथ उसकी शादीशुदा जिंदगी भी जटिल हो चुकी है, जिसमें समझौते, गलतफहमियां और भावनात्मक दूरियां शामिल हैं। अब नुड़ी को अपने अतीत और वर्तमान के बीच चुनाव करना है। कहानी में उसकी बेटी पूर्वी (ऋतु सिंह) के साथ उसका रिश्ता और माता-पिता के साथ संबंध भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बाकी कहानी इसी सवाल के इर्द-गिर्द घूमती है कि क्या प्यार फैसलों के बावजूद टिक सकता है और क्या अतीत को दोबारा देखने से वर्तमान में कुछ बदला जा सकता है।
#AmericaAmerica2 Review
— Dr. Deepthi Rao (@RekhaS1990) September 11, 2026
Nirup-Sanvi-Pruthvi - all 3 did an excellent job. Mano Murthy music is a big plus. Dir @NomadChandru - neat attempt.
Strictly for multiplex audiences.
You’ll definitely love @AmbarPruthvi’s acting - man, he tested our eyes in the emotional scenes. 🥹👏 https://t.co/5wq3nnObf0 pic.twitter.com/IcuUTrocoe
अमेरिका अमेरिका 2 रिव्यू: प्यार, शादी और फैसलों का बोझ
‘अमेरिका अमेरिका 2’ सिर्फ एक पारंपरिक प्रेम त्रिकोण की कहानी नहीं है। फिल्म यह दिखाने की कोशिश करती है कि कम उम्र में लिए गए फैसले आने वाले वर्षों में व्यक्ति की जिंदगी को किस तरह प्रभावित कर सकते हैं। जब नागथिहल्ली मानवीय भावनाओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तब फिल्म काफी प्रभावी लगती है। शादी, माफी और रिश्तों को लेकर होने वाली बातचीत खासकर फिल्म के दूसरे हिस्से में भावनात्मक असर पैदा करती है।
कुछ दृश्य नागथिहल्ली की परिचित काव्यात्मक शैली में नजर आते हैं और याद दिलाते हैं कि यह निर्देशक आज भी अपने खास अंदाज के लिए क्यों पहचाने जाते हैं। हालांकि, कुछ जगह फिल्म रिश्तों को पूरी तरह विकसित करने में असफल रहती है। कई भावनात्मक मोड़ अधूरे लगते हैं, जबकि कुछ संवाद किरदारों के बजाय लेखक के विचारों को ज्यादा सामने रखते हैं। इसके अलावा, फिल्म वैश्विक तापमान में बढ़ोतरी, युद्ध, गरीबी और सामाजिक मीडिया जैसे विषयों की ओर भी बढ़ जाती है।
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शान्वी श्रीवास्तव ने भावनात्मक कलाकारों की टोली का नेतृत्व किया
नुड़ी के रूप में शान्वी श्रीवास्तव का अभिनय फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष है। वह ऐसे किरदार को निभाती हैं जो अपने अतीत में लिए गए फैसलों के कारण उलझी हुई, अकेली और भावनात्मक रूप से परेशान दिखाई देती है। उनका कॉरपोरेट पृष्ठभूमि वाला किरदार उन्हें आधुनिक महिला के रूप में भी स्थापित करता है।
पृथ्वी अंबर ने नील की भूमिका निभाई है और वह किरदार के कमजोर और संवेदनशील पक्ष को प्रभावी तरीके से सामने लाते हैं। फिल्म के भावनात्मक दृश्यों में उनका प्रदर्शन ज्यादा प्रभावशाली नजर आता है। निनाद का किरदार निरूप भंडारी ने निभाया है, जो काफी चुनौतीपूर्ण है। उन्हें प्रेमी जोड़ी के बीच बाधा के रूप में नहीं, बल्कि अपराधबोध, प्रेम और बेचैनी से जूझते व्यक्ति के रूप में दिखाया गया है। बाकी कलाकार भी पारिवारिक दृश्यों में भावनात्मक गहराई जोड़ते हैं।
Honest Unbiased Unpaid Review: #AmericaAmerica2 -
— Kannadafilmyclub (@Kannadafilmclub) September 11, 2026
1- Pure cinema and no non sense
2- Excellent story with a strong voice, not just a regular love story
3- Many progressive sub plots
4- Engaging throughout
5- Excellent visuals and BGM
6- Families would love this
GO WATCH IT! pic.twitter.com/d6rF0KZihG
संगीत और दृश्य प्रभाव
एस.के. राव की सिनेमैटोग्राफी के जरिए सिएटल के दृश्यों को खूबसूरती से फिल्माया गया है। स्थान फिल्म को शानदार दृश्य रूप देते हैं, जबकि भावनात्मक संवादों के दौरान क्लोज-अप दृश्यों का इस्तेमाल कहानी के अनुकूल लगता है।
नागथिहल्ली चंद्रशेखर और मनोमूर्ति द्वारा तैयार संगीत में निर्देशक की फिल्मों वाली पुरानी यादों से जुड़ी भावना है। हालांकि, गानों के दृश्य दर्शकों को ‘अमेरिका अमेरिका’ की याद दिला सकते हैं और इससे दोनों फिल्मों की तुलना होना स्वाभाविक है। नकुल अभ्यंकर का पृष्ठभूमि संगीत भावनात्मक दृश्यों के साथ अच्छी तरह मेल खाता है।
कमजोर पक्ष
- रिश्तों का अधूरा विकास
- पुरानी शैली की कहानी
- भावनात्मक गहराई में असमानता
- गति में असंगति
क्या अमेरिका अमेरिका 2 देखनी चाहिए?
इसे देखें अगर आप:
- भावनात्मक प्रेम कहानियां पसंद करते हैं।
- रिश्तों पर आधारित ड्रामा पसंद करते हैं।
- नागथिहल्ली के प्रशंसक हैं।
- विचारशील रोमांटिक फिल्में पसंद करते हैं।
इसे छोड़ सकते हैं अगर आप:
- तेज गति वाला रोमांस चाहते हैं।
- 1997 जैसी एक और क्लासिक फिल्म की उम्मीद कर रहे हैं।
- सरल प्रेम कहानियां पसंद करते हैं।
- धीमे भावनात्मक ड्रामा पसंद नहीं करते।
New dreams. New journeys. New beginnings. ✨🌎
— Kollywood Wire (@KollywoodWire) September 7, 2026
A new chapter is ready to unfold on the big screen! 🎬❤️#AmericaAmerica2 arrives from September 10, 2026! 🔥#AmericaAmerica2 #AmericaAmerica2OnSep11 #KollywoodWire pic.twitter.com/sfD4UchfyB
अंतिम फैसला
अमेरिका अमेरिका 2 में निर्देशक नागथिहल्ली चंद्रशेखर के प्रेम और मानवीय रिश्तों के प्रति पुराने आकर्षण को आधुनिक संदर्भ में पेश किया गया है। यह फिल्म शादी, करियर, पुराने रिश्तों और माफी के साथ इस सवाल को भी उठाती है कि क्या इंसान अपने अतीत के फैसलों से पूरी तरह बाहर निकल सकता है।
फिल्म की भावनात्मक ताकत शान्वी श्रीवास्तव, पृथ्वी अंबर और निरूप भंडारी के अभिनय से आती है। सिएटल के शानदार स्थान और प्रभावशाली संवाद भी फिल्म को मजबूती देते हैं। हालांकि, कुछ जगह फिल्म अपने किरदारों को पर्याप्त गहराई देने में असफल रहती है।
रेटिंग: 3/5
कुल मिलाकर, ‘अमेरिका अमेरिका 2’ उन दर्शकों के लिए एक बार देखने लायक फिल्म है, जिन्हें भावनात्मक रिश्तों पर आधारित ड्रामा और नागथिहल्ली की कहानी कहने की शैली पसंद है। इसमें कुछ मजबूत पल और ईमानदार अभिनय है, भले ही फिल्म लगातार उस भावनात्मक प्रभाव तक नहीं पहुंच पाती, जिसे वह हासिल करना चाहती है।
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