बिना रंगे इस कपड़े को खुद-रंग, बाफ़-ए-हवा और शबनमी भी कहा जाता है।
आस्तीन पर पोल्की, गार्नेट, पन्ने, झालर और महीन कढ़ाई सजाई गई थी।
नीची कमर की बांध और लंबा पल्लू ने साड़ी को आधुनिक रूप दिया।
रिया कपूर ने रूप संवारा, जबकि आभूषण विराया और वसुंधरा के थे।