साउथ फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। तमिल सिनेमा के दिग्गज निर्देशक और अभिनेता पी. भारथीराजा का 84 साल की उम्र में निधन हो गया है। लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे भारथीराजा ने आखिरकार दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे साउथ सिनेमा में शोक की लहर दौड़ गई है।
गांव की कहानियों को दी नई पहचान
भारथीराजा को भारतीय सिनेमा में गांवों और आम लोगों की कहानियों को बड़े पर्दे पर बेहद खूबसूरती से पेश करने के लिए जाना जाता था। उन्होंने तमिल फिल्मों में एक नई सोच और नई शैली को जन्म दिया। उनकी फिल्मों में ग्रामीण संस्कृति, रिश्ते और भावनाओं को बहुत ही वास्तविक तरीके से दिखाया जाता था।
उनके निर्देशन में बनी फिल्मों ने सिर्फ दर्शकों का दिल ही नहीं जीता, बल्कि तमिल सिनेमा को नई पहचान भी दिलाई। यही वजह है कि उन्हें साउथ इंडस्ट्री के सबसे प्रभावशाली फिल्ममेकर्स में गिना जाता है।

कई महीनों से चल रहा था इलाज
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारथीराजा पिछले कई महीनों से बीमार चल रहे थे। साल 2025 में उन्हें सांस लेने में तकलीफ के कारण चेन्नई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद से वह लगातार डॉक्टरों की निगरानी में थे और उम्र से जुड़ी कई स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज चल रहा था।
इस साल की शुरुआत में ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि उनके फेफड़ों में संक्रमण हो गया था। हालांकि, परिवार की ओर से अभी तक उनके निधन की असली वजह को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
बेटे मनोज भारथीराजा की मौत से टूट गए थे निर्देशक
रिपोर्ट्स की मानें तो अपने बेटे मनोज भारथीराजा के निधन के बाद वह काफी टूट गए थे। मनोज भारथीराजा का 48 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया था। बेटे की मौत का असर उनके स्वास्थ्य पर भी पड़ा था।
बताया जाता है कि बेटे के निधन के बाद से वह काफी शांत रहने लगे थे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी कम नजर आते थे।

1977 में शुरू हुआ था शानदार करियर
पी. भारथीराजा ने अपने करियर की शुरुआत साल 1977 में बतौर निर्देशक फिल्म ‘16 वयाथीनीले’ से की थी। इसके बाद उन्होंने ‘किझाक्के पोगुम रेल’, ‘आराधना’, ‘करुथम्मा’ और ‘सोल्वा सवान’ जैसी कई शानदार फिल्मों का निर्देशन किया।
निर्देशन के अलावा उन्होंने अभिनय की दुनिया में भी अपनी खास पहचान बनाई थी। उनकी आखिरी फिल्म साल 2025 में रिलीज हुई थी।
सिनेमा जगत में हमेशा याद किए जाएंगे भारथीराजा
भारथीराजा ने भारतीय सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं और ग्रामीण कहानियों को मुख्यधारा सिनेमा तक पहुंचाया। उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन से साउथ इंडस्ट्री ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय सिनेमा को बड़ा नुकसान हुआ है।

