रियलिटी शो स्टार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर उर्फी जावेद आज भले ही अपने यूनिक फैशन और बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हों, लेकिन उनके लिए सफलता का सफर अभी अधूरा है। हाल ही में एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर अपने संघर्ष, दर्द और करियर से जुड़े कुछ अनकहे पहलुओं को साझा किया, जिसने उनके फैंस को हैरान कर दिया।
सालों का संघर्ष, फिर भी ‘बड़े ब्रेक’ का इंतजार
उर्फी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए खुलासा किया कि वह अभी भी इंडस्ट्री में उस बड़े मौके की तलाश में हैं, जिसका उन्हें लंबे समय से इंतजार है। उन्होंने माना कि उन्हें उम्मीद थी कि उनका शो ‘Follow Kar Lo Yaar’ उनकी जिंदगी बदल देगा। हालांकि, इस शो ने उन्हें कुछ अच्छे लोगों से जरूर मिलवाया, लेकिन करियर के लिहाज से वह बदलाव नहीं ला पाया, जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी।

ट्रोलिंग, धमकियां और पुलिस स्टेशन के चक्कर
अपने पोस्ट में उर्फी ने यह भी बताया कि उन्हें अपने करियर के दौरान काफी नकारात्मकता का सामना करना पड़ा। उन्होंने लिखा कि उन्हें न सिर्फ सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया, बल्कि नेताओं और कई लोगों से धमकियां भी मिलीं। इतना ही नहीं, उन्हें कई बार पुलिस स्टेशन के चक्कर भी लगाने पड़े। इस सबके बावजूद वह अपने काम में लगातार आगे बढ़ती रहीं, लेकिन अंदर ही अंदर वह इस बात से जूझती रहीं कि उन्हें अभी तक वह पहचान नहीं मिली, जिसकी वह हकदार हैं।

तारीफ सुनकर रो पड़ती थीं उर्फी
उर्फी ने अपने इमोशनल नोट में बताया कि एक समय ऐसा भी था जब वह तारीफ सुनकर रो पड़ती थीं। इसकी वजह यह थी कि उन्हें ज्यादातर समय आलोचना और गालियां ही सुनने को मिली थीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा वही किया, जिससे लोग उन्हें स्वीकार करें और उनके काम की सराहना करें, लेकिन यह रास्ता आसान नहीं था।
आज भी सही मौके की तलाश
एक्ट्रेस का कहना है कि वह आज भी उस एक सही मौके का इंतजार कर रही हैं, जो उनके करियर को नई ऊंचाई पर ले जाए। उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि वह अक्सर खुद से और ऊपरवाले से यही सवाल करती हैं कि उनका समय कब आएगा।
वर्कफ्रंट पर क्या कर रही हैं उर्फी?
वर्कफ्रंट की बात करें तो उर्फी जावेद फिलहाल डेटिंग रियलिटी शो MTV Splitsvilla X6 में नजर आ रही हैं, जहां वह निया शर्मा के साथ ‘मिसचीफ मेकर’ की भूमिका निभा रही हैं। इसके अलावा वह Bigg Boss OTT और MTV Splitsvilla X4 जैसे शोज के जरिए भी अपनी पहचान मजबूत कर चुकी हैं।

उर्फी जावेद की यह कहानी बताती है कि शोहरत और पहचान के बावजूद, हर कलाकार के भीतर एक अधूरापन और आगे बढ़ने की भूख बनी रहती है।

