पंजाबी सिनेमा के मशहूर अभिनेता दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपनी चर्चित फिल्म 'सतलुज' को लेकर सुर्खियों में हैं। लंबे इंतजार के बाद यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई थी, लेकिन महज 48 घंटे के भीतर ही इसे भारत में हटा लिया गया। इस अप्रत्याशित फैसले ने सोशल मीडिया से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक नई बहस छेड़ दी है। अब इस पूरे मामले पर दिलजीत दोसांझ की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।
रिलीज के दो दिन बाद ही OTT से हटाई गई फिल्म
करीब तीन साल तक रिलीज का इंतजार करने के बाद फिल्म 'सतलुज' आखिरकार ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर स्ट्रीम हुई। फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज कराने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन बात नहीं बन सकी। ऐसे में मेकर्स ने डिजिटल रिलीज का रास्ता चुना।
हालांकि, फिल्म के रिलीज होने के केवल 48 घंटे बाद ही ZEE5 ने भारत में इसे अपनी लाइब्रेरी से हटा दिया। प्लेटफॉर्म ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि भारत में दर्शक अब इस फिल्म को नहीं देख पाएंगे, जबकि विदेशों में रहने वाले दर्शकों के लिए यह उपलब्ध रहेगी।
Satluj may have paused. But the conversation it started hasn’t.
— ZEE5Official (@ZEE5India) July 5, 2026
Thank you for the incredible love.
We hope to bring it back soon.#Satluj pic.twitter.com/Ox3MZIBvlT
दिलजीत दोसांझ ने क्या कहा?
फिल्म हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ की टीम ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि यह सफर अभी खत्म नहीं हुआ है और विदेश में रहने वाले दर्शक अब भी फिल्म देख सकते हैं।
इसके अलावा दिलजीत ने एक अन्य पोस्ट में संकेत दिया कि उन्हें इस फैसले की पहले से आशंका थी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की कोई चिंता नहीं है क्योंकि उन्हें पहले ही अंदाजा था कि ऐसा हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कई लोगों ने फिल्म को पहले ही डाउनलोड कर लिया था।
दिलजीत के इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर फैंस लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग फिल्म को दोबारा भारत में उपलब्ध कराने की मांग भी कर रहे हैं।
क्या है 'सतलुज' की कहानी?
'सतलुज' की कहानी पंजाब के प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और संघर्ष से प्रेरित है। फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह उन्होंने आतंकवाद के दौर में कथित फर्जी मुठभेड़ों और लापता हुए लोगों के मामलों को उजागर करने के लिए साहसिक लड़ाई लड़ी। उनकी खोज और संघर्ष ने मानवाधिकार से जुड़े कई गंभीर सवालों को देश के सामने रखा।

संवेदनशील विषय पर आधारित यह फिल्म रिलीज के बाद दर्शकों और समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया हासिल करने में सफल रही। हालांकि भारत में इसके हटाए जाने के फैसले ने एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और फिल्मों की रिलीज को लेकर बहस तेज कर दी है।

