साउथ फिल्म इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु जल्द ही अपने जीवन के एक नए और बेहद खास दौर में प्रवेश करने वाली हैं। पहली बार मां बनने जा रहीं सामंथा के लिए पारंपरिक 'सीमंतम' यानी बेबी शावर समारोह का आयोजन किया गया। इस खास मौके की झलकियां उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर तस्वीरों और वीडियो के जरिए फैंस के साथ साझा की हैं।
समारोह में सामंथा और उनके पति राज निदिमोरु पारंपरिक पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होते नजर आए। खास बात यह रही कि सीमंतम की रस्म श्रीविद्या परंपरा के अनुसार संपन्न कराई गई।
सामंथा ने शेयर कीं सीमंतम सेरेमनी की खास झलकियां
सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में सामंथा हल्के ऑरेंज रंग के आउटफिट में दिखाई दे रही हैं। उन्होंने गले में फूलों की माला पहन रखी थी और खुले वातावरण में आयोजित पूजा में शामिल हुईं।
पूजा के दौरान वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ धार्मिक अनुष्ठान किए गए। पुजारियों ने पवित्र जल से अभिषेक किया और सामंथा को आशीर्वाद दिया। वहीं राज निदिमोरु भी उनके साथ मौजूद रहे और उन्होंने भी कई रस्मों में हिस्सा लिया।
सेरेमनी की खास बातें:
- तमिल और तेलुगू परंपराओं का मिला-जुला रूप
- श्रीविद्या परंपरा के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान
- वैदिक मंत्रों के बीच पवित्र जल से अभिषेक
- पति राज निदिमोरु ने भी निभाईं पूजा की रस्में
- होने वाली मां को देवी स्वरूप मानकर किया गया सम्मान

श्रीविद्या परंपरा के अनुसार संपन्न हुई रस्में
सामंथा ने अपनी पोस्ट में इस विशेष अनुष्ठान के बारे में विस्तार से बताया। उनके मुताबिक, सेरेमनी में शामिल श्रीविद्या उपासक पुजारी ने हर प्रक्रिया और उसके आध्यात्मिक महत्व को समझाया।
अभिनेत्री ने माना कि वह सभी धार्मिक क्रियाओं के गहरे अर्थ को पूरी तरह नहीं जानतीं, लेकिन मंत्रों के उच्चारण और इन सदियों पुरानी परंपराओं से मिलने वाली सकारात्मक अनुभूति ने उन्हें काफी प्रभावित किया। उन्होंने पीढ़ियों से चली आ रही ऐसी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति अपना सम्मान भी जाहिर किया।

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'कला आवरण' रस्म में मां को मिला देवी का स्वरूप
इस सीमंतम समारोह में 'कला आवरण' या 'श्री कल्पम' से जुड़ी विशेष प्रक्रिया भी की गई। इस अनुष्ठान के माध्यम से देवी की 94 कलाओं का सम्मान किया जाता है।
मान्यता के अनुसार, इस प्रक्रिया में गर्भवती महिला के शरीर के सात चक्रों को पवित्र जल और मंत्रों के जरिए सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। इस रस्म का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि मां बनने वाली महिला को एक देवी और सृजन की शक्ति के रूप में देखा जाता है।
सामंथा के लिए यह अनुभव इसलिए भी खास रहा क्योंकि इस अनुष्ठान में होने वाली मां को उस शक्ति के रूप में सम्मान दिया जाता है, जो एक नए जीवन को इस दुनिया में लाने वाली है।
श्री चक्र यंत्र के केंद्र में बैठकर हुआ मंत्रों का जाप
अभिषेक के बाद पूजा का अगला चरण श्री चक्र यंत्र से जुड़ा था। सामंथा ने बताया कि इस दौरान होने वाली मां को श्री चक्र के केंद्र में बैठाया जाता है। नौ आवरणों वाला यह यंत्र आध्यात्मिक यात्रा के अलग-अलग स्तरों और चरणों का प्रतीक माना जाता है।
देवी खड्गमाला के पाठ के दौरान इन नौ आवरणों से जुड़ी दैवीय शक्तियों का मंत्रों के माध्यम से स्मरण किया गया। सामंथा के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य व्यक्ति को भीतर से आध्यात्मिक रूप से जोड़ना है।
इस अनुष्ठान से जुड़ी प्रमुख मान्यताएं:
- मां के सात चक्रों को सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ना
- देवी की 94 कलाओं का सम्मान करना
- होने वाली मां को देवी और सृजनकर्ता के रूप में देखना
- श्री चक्र के माध्यम से आध्यात्मिक शक्ति का अनुभव करना
- मां और गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए सुरक्षा और आशीर्वाद की कामना करना

1 दिसंबर 2025 को राज निदिमोरु संग रचाई थी शादी
सामंथा रुथ प्रभु और फिल्ममेकर राज निदिमोरु ने 1 दिसंबर 2025 को शादी की थी। दोनों ने तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र के लिंग भैरवी मंदिर में पारंपरिक तरीके से विवाह किया था।
यह समारोह बेहद निजी रखा गया था, जिसमें परिवार के सदस्य और कुछ करीबी लोग ही शामिल हुए थे। शादी के बाद दोनों की तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर खूब ध्यान खींचा था।
2023 से सामने आ रही थीं दोनों के रिश्ते की खबरें
सामंथा और राज के रिश्ते को लेकर चर्चाएं साल 2023 से शुरू हुई थीं। दोनों ने साथ में 'द फैमिली मैन 2' और बाद में 'सिटाडेल: हनी बन्नी' जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया, जिसके बाद उनके बीच बढ़ती नजदीकियों की खबरें सामने आने लगीं।
सामंथा की इससे पहले अभिनेता नागा चैतन्य से शादी हुई थी। हालांकि, दोनों ने साल 2021 में अलग होने का फैसला कर लिया था। वहीं, राज निदिमोरु की भी पहले श्यामाली डे से शादी हो चुकी थी।

अब शादी के बाद सामंथा और राज अपने जीवन के एक और नए अध्याय की ओर बढ़ रहे हैं। सामंथा का पारंपरिक सीमंतम समारोह न सिर्फ उनके लिए, बल्कि उनके प्रशंसकों के लिए भी बेहद खास पल बन गया है। सोशल मीडिया पर शेयर की गई इन झलकियों में भारतीय परंपराओं, आध्यात्मिकता और मातृत्व की खूबसूरत भावना एक साथ देखने को मिली।
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