फिल्म "धुरंधर" की तारीफ करते हुए अभिनेता सैफ अली खान ने इसे ऐसी फिल्म बताया है जिसने उन्हें "धुरंधर से पहले का दौर और धुरंधर के बाद का दौर" देखने पर मजबूर कर दिया। उनका यह बयान इस बात का संकेत देता है कि वह इस फिल्म को बॉलीवुड के लिए एक मील का पत्थर मानते हैं। सैफ की इस टिप्पणी के बाद समकालीन बॉलीवुड पर इस ब्लॉकबस्टर फिल्म के प्रभाव को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

सैफ ने यह बातें फिल्मों और स्क्रिप्ट्स को लेकर अपने बदलते नजरिए पर चर्चा करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि "धुरंधर" के कई पहलुओं, खासकर इसके संगीत और कहानी कहने के अंदाज ने पूरी इंडस्ट्री की सोच को नई दिशा दी है।

सैफ बोले- 'धुरंधर से पहले और बाद का दौर'

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इंटरव्यू के दौरान सैफ अली खान ने कहा, "धुरंधर से पहले का एक दौर है और धुरंधर के बाद का एक दौर" उन्होंने आगे कहा कि अब फिल्म इंडस्ट्री के लिए जागने और समय के साथ आगे बढ़ने का वक्त आ गया है, क्योंकि इस फिल्म की सफलता और रचनात्मकता ने बॉलीवुड के लिए नए मानक स्थापित किए हैं।

उनका यह बयान दर्शाता है कि वह मानते हैं कि "धुरंधर" ने फिल्म इंडस्ट्री पर गहरा प्रभाव छोड़ा है।

फिल्म के संगीत को बताया क्रांतिकारी

सैफ अली खान ने खास तौर पर फिल्म के साउंडट्रैक की सराहना की। उन्होंने "धुरंधर" के संगीत को "क्रांतिकारी" बताते हुए कहा कि फिल्म निर्माताओं ने पारंपरिक बॉलीवुड फॉर्मूले से हटकर नए और अलग प्रयोग किए हैं।

सैफ ने विशेष रूप से फिल्म के गाने "शरारत" की प्रस्तुति की भी तारीफ की और इसे फिल्म की बड़ी खासियतों में से एक बताया।

बोले- बॉलीवुड को बदलना होगा

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सैफ के मुताबिक, बॉलीवुड के पास "धुरंधर" से बहुत कुछ सीखने का मौका है। उनका मानना है कि फिल्म निर्माताओं को दर्शकों की बदलती पसंद और फिल्म निर्माण के नए ट्रेंड्स को अपनाना चाहिए, बजाय पुराने और तयशुदा फॉर्मूलों पर निर्भर रहने के।

उनकी इन टिप्पणियों ने मनोरंजन जगत में काफी चर्चा बटोरी है और कई लोग इसे फिल्म की रचनात्मक उपलब्धियों की बड़ी सराहना मान रहे हैं।

रिलीज के बाद भी मिल रही है सराहना

रिलीज के बाद से "धुरंधर" को फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों और फिल्मकारों से प्रशंसा मिलती रही है। अब सैफ अली खान के बयान ने भी इस चर्चा को और तेज कर दिया है कि यह फिल्म बॉलीवुड में संगीत, कहानी कहने के अंदाज और व्यावसायिक सिनेमा की दिशा पर कितना बड़ा प्रभाव छोड़ रही है।