डायरेक्टर इम्तियाज अली की हालिया रिलीज फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ (Main Vaapas Aaunga) को दर्शकों के साथ-साथ फिल्म इंडस्ट्री से भी शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। 12 जून को रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छी पकड़ बनाए हुए है और इसकी कहानी को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।
पाकिस्तानी फिल्ममेकर का रिएक्शन आया सामने
पाकिस्तानी फिल्ममेकर उमर नासिर अली ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फिल्म को लेकर एक विस्तृत पोस्ट साझा किया है। उन्होंने फिल्म को बेहद भावनात्मक और प्रभावशाली बताया।
उमर नासिर अली ने लिखा कि ‘मैं वापस आऊंगा’ एक ऐसी फिल्म है जो देखने के बाद लंबे समय तक दर्शकों के मन में बनी रहती है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म भावनाओं को गहराई से छूती है और इम्तियाज अली की खास स्टोरीटेलिंग शैली को पूरी तरह दर्शाती है।
‘छोड़ आए हम’ प्रोजेक्ट का भी किया जिक्र
अपने पोस्ट में उन्होंने यह भी बताया कि वह खुद एक प्रोजेक्ट ‘छोड़ आए हम’ पर काम कर रहे हैं, जो भारत-पाकिस्तान विभाजन, यादों और रिश्तों की भावनात्मक कहानी पर आधारित है। इसी वजह से वे इम्तियाज अली की फिल्म को खास तौर पर देखने के इच्छुक थे।
उन्होंने आगे कहा कि फिल्म ने जिस तरह विभाजन और उससे जुड़ी भावनाओं को पर्दे पर दिखाया है, वह काफी प्रभावशाली है और उनकी उम्मीदों पर खरी उतरती है।

एक्टिंग और तकनीकी पक्ष की तारीफ
उमर नासिर अली ने फिल्म में अभिनय और तकनीकी पहलुओं की भी सराहना की। उन्होंने दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की परफॉर्मेंस को शानदार बताया। साथ ही एडिटर आरती बजाज की एडिटिंग की भी तारीफ की।
उन्होंने फिल्म को “सिनेमेटिक स्टोरीटेलिंग की मास्टरक्लास” करार देते हुए कहा कि यह फिल्म फिल्ममेकिंग सीखने वालों के लिए एक बेहतरीन उदाहरण है।
फिल्म की कहानी क्या है?
‘मैं वापस आऊंगा’ एक मल्टी-जेनरेशन फैमिली ड्रामा है, जिसकी कहानी भारत और पाकिस्तान के बंटवारे से जुड़े रिश्तों और भावनाओं पर आधारित है।
फिल्म में दिलजीत दोसांझ, वेदांग रैना और शरवरी वाघ अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। नसीरुद्दीन शाह इसमें दिलजीत के दादा का किरदार निभाते हैं, जबकि वेदांग रैना उनके युवा रूप में दिखाई देते हैं और शरवरी वाघ उनकी प्रेमिका के किरदार में हैं।

निष्कर्ष
पाकिस्तानी फिल्ममेकर का यह रिव्यू फिल्म की बढ़ती लोकप्रियता को और मजबूत करता है। ‘मैं वापस आऊंगा’ न सिर्फ एक भावनात्मक कहानी पेश करती है, बल्कि भारत-पाक विभाजन से जुड़े रिश्तों को भी संवेदनशील तरीके से सामने लाती है।

