‘शक्तिमान’ फेम अभिनेता मुकेश खन्ना एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने भारत के राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर अपनी राय रखी है। अभिनेता का कहना है कि देश के राष्ट्रगान के तौर पर ‘जन गण मन’ की जगह ‘वंदे मातरम’ को अपनाया जाना चाहिए।

मुकेश खन्ना ने ‘जन गण मन’ पर उठाए सवाल

IANS को दिए एक इंटरव्यू में मुकेश खन्ना ने कहा कि उन्होंने पहले भी ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान बनाने की बात कही थी। अभिनेता के मुताबिक, ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान के रूप में नहीं रखा जाना चाहिए, क्योंकि उनका मानना है कि यह भारत की भावना का उतना प्रतिनिधित्व नहीं करता जितना ‘वंदे मातरम’ करता है।

मुकेश खन्ना ने ‘जन गण मन’ की उत्पत्ति को लेकर भी एक दावा किया। उन्होंने इसे ब्रिटिश शासन और महारानी एलिजाबेथ से जोड़ते हुए कहा कि यह तत्कालीन शाही सत्ता को श्रद्धांजलि देने के लिए लिखा गया था। हालांकि, इस दावे को लेकर ऐतिहासिक मतभेद और विवाद मौजूद हैं, इसलिए इसे निर्विवाद ऐतिहासिक तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान बनाने के पक्ष में एक्टर

मुकेश खन्ना ने ‘वंदे मातरम’ को भारत की पहचान और देशभक्ति की भावना से जुड़ा गीत बताते हुए इसे राष्ट्रगान बनाने की इच्छा जाहिर की। उनका कहना है कि इस गीत में देश के प्रति सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव दिखाई देता है।

अभिनेता ने अपनी एक रिकॉर्डिंग का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने करीब सात मिनट का ‘वंदे मातरम’ संस्करण रिकॉर्ड किया है, जिसे वह यादगार बनाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस गीत को पूरे रूप में लोगों तक पहुंचना चाहिए।

यह भी पढ़ें- खतरों के खिलाड़ी 15: गर्म वैक्स स्टंट पर मचा बवाल

‘जन गण मन’ हटाने की मुकेश खन्ना ने की मांग

अपने बयान में मुकेश खन्ना ने कहा कि वह चाहते हैं कि ‘जन गण मन’ को जल्द से जल्द देश से हटाया जाए और उसकी जगह ‘वंदे मातरम’ को लाया जाए। उन्होंने स्कूलों और विभिन्न कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ को पूरे रूप में गाए जाने की बात भी कही।

अभिनेता ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार इस दिशा में काम शुरू कर चुकी है। हालांकि, राष्ट्रगान में बदलाव से जुड़ा उनका बयान उनकी व्यक्तिगत राय के तौर पर सामने आया है।

Mukesh Khanna Profile
Image Source: X

‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ का दर्जा क्या है?

भारत में ‘जन गण मन’ आधिकारिक राष्ट्रगान है, जबकि ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रीय गीत है। ‘जन गण मन’ की रचना रवींद्रनाथ टैगोर ने की थी, जबकि ‘वंदे मातरम’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय हैं।

दोनों रचनाओं का भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ‘वंदे मातरम’ ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्ति की भावना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी।

मुकेश खन्ना के बयान से फिर गरमाई बहस

राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत से जुड़ा मुद्दा देश में हमेशा संवेदनशील रहा है। ऐसे में मुकेश खन्ना का ‘जन गण मन’ को हटाकर ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान बनाने का बयान एक बार फिर इस विषय पर चर्चा को हवा दे सकता है।

अभिनेता इससे पहले भी देशभक्ति, भारतीय संस्कृति और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते रहे हैं। उनका यह ताजा बयान भी सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चा में बहस का विषय बन सकता है।

यह भी पढ़ें- Bigg Boss 20: एक्स और पति संग रहेगी ये एक्ट्रेस मचेगा कोहराम