नई दिल्ली में हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रदर्शन को लेकर बीजेपी सांसद और दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे का हल सड़क पर टकराव से नहीं, बल्कि बातचीत और चर्चा के जरिए निकलना चाहिए। उनका मानना है कि अगर किसी को सरकार या व्यवस्था से शिकायत है, तो उसे शांतिपूर्ण तरीके से सामने रखना ज्यादा प्रभावी होगा।
हेमा मालिनी ने क्या कहा?
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान हेमा मालिनी ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान विरोध प्रदर्शन से ज्यादा संवाद में है। उन्होंने कहा कि यदि कोई मुद्दा है तो उसे सही तरीके से उठाया जाना चाहिए और संबंधित पक्षों के साथ चर्चा करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ऐसे में केवल विरोध करने से समाधान नहीं निकलेगा। उन्होंने छात्रों को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि उन्हें पूरी जानकारी दी जानी चाहिए तथा किसी भी आंदोलन में बिना सही तथ्यों के शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
हालांकि, जब उनसे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस विषय पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
#WATCH | Monsoon session of Parliament | Delhi: BJP MP Hema Malini says, “If there is a problem, it should be discussed properly. Protesting in this manner won't achieve anything. As for the country's youth and the education system, our Modi government has always stood by them… pic.twitter.com/4HQqf90fqk
— ANI (@ANI) July 20, 2026
क्यों हो रहा है CJP का प्रदर्शन?
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) पिछले कुछ समय से NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है। इसी क्रम में संगठन ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया, जिसके बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों से बड़ी संख्या में छात्र और युवा राजधानी पहुंचे।
प्रदर्शन के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की खबरें सामने आईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस दौरान कई लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई।
कई राजनीतिक दलों ने दिया समर्थन
CJP के आंदोलन को लेकर देश की राजनीति भी गर्मा गई है। आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों ने प्रदर्शन का समर्थन किया है। वहीं, आंदोलन के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने संगठन के प्रतिनिधियों से मुलाकात भी की, जिससे इस मुद्दे पर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद की संभावना बनी हुई है।

मामला अभी भी चर्चा में
NEET परीक्षा को लेकर उठे विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। एक ओर विपक्ष सरकार पर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है, तो दूसरी ओर सरकार का कहना है कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी बीच हेमा मालिनी का बयान इस बहस में एक नया पक्ष जोड़ता है, जिसमें उन्होंने टकराव की जगह संवाद को प्राथमिकता देने की बात कही।

