सोशल मीडिया पर वायरल हुए '370 रुपये की बिरयानी' विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे और उनके साथी हिमांशु जांगड़ा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मुंबई में पहले से दर्ज मामले के बाद अब गुरुग्राम पुलिस ने भी दोनों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की शिकायत के बाद की गई है।

मामले में आरोप है कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंच पर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिससे उनकी गरिमा को ठेस पहुंची। साथ ही महिलाओं के प्रति असम्मानजनक सोच को बढ़ावा देने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

विवाद की शुरुआत प्रणीत मोरे के एक लाइव स्टैंड-अप शो से हुई। शो के दौरान उन्होंने दर्शकों में मौजूद हिमांशु जांगड़ा से बातचीत की। बातचीत के दौरान हिमांशु ने एक डेट का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने एक महिला के साथ बाहर खाना खाया था, जहां करीब 370 रुपये की बिरयानी का बिल आया था।

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विवाद तब बढ़ा जब बातचीत के दौरान महिला को लेकर कुछ ऐसे बयान सामने आए, जिन्हें सोशल मीडिया यूजर्स ने बेहद आपत्तिजनक और महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताया। शो की वीडियो क्लिप इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गई, जिसके बाद लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया।

सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद

वीडियो वायरल होने के बाद मामला केवल स्टैंड-अप शो तक सीमित नहीं रहा। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर लगातार बहस छिड़ गई। इसी दौरान डॉक्टर सेजल पवार का नाम भी विवाद से जुड़ गया।

आरोप है कि इंटरनेट पर महिलाओं और पुरुषों को लेकर कई अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिससे विवाद और गहरा हो गया। बढ़ते विरोध और आलोचना के बीच प्रणीत मोरे ने एक वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया संज्ञान

मामले को गंभीर मानते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस पर हस्तक्षेप किया। आयोग ने गुरुग्राम पुलिस को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने शिकायत की जांच करते हुए प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा के खिलाफ नया मामला दर्ज किया।

आयोग का मानना है कि सार्वजनिक मंचों पर महिलाओं के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियां समाज में गलत संदेश देती हैं और महिलाओं की गरिमा को प्रभावित करती हैं।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

यह पहली बार नहीं है जब इस मामले में कानूनी कार्रवाई हुई हो। इससे पहले महाराष्ट्र साइबर पुलिस भी प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और डॉक्टर सेजल पवार समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर चुकी है।

अब गुरुग्राम में दर्ज नई एफआईआर के बाद दोनों की कानूनी चुनौतियां और बढ़ गई हैं। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर सकती हैं।

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बढ़ सकती हैं मुश्किलें

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ आगे और सख्त कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की सीमा, सार्वजनिक मंचों की जिम्मेदारी और महिलाओं के सम्मान जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।