साउथ सिनेमा के सुपरस्टार धनुष इन दिनों अपनी फिल्म 'रायन' (Raayan) को मिले नेशनल फिल्म अवॉर्ड को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में घोषित हुए नेशनल अवॉर्ड्स में धनुष की एक्शन थ्रिलर फिल्म 'रायन' को बेस्ट तमिल फिल्म का सम्मान मिला। हालांकि, इस जीत के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सवाल भी उठाए।

कई सोशल मीडिया यूजर्स का मानना था कि विजय सेतुपति और अनुराग कश्यप की फिल्म 'महाराजा' और कार्ति स्टारर 'मेइयाझगन' (Meiyazhagan) जैसी फिल्मों को यह अवॉर्ड मिलना चाहिए था। इस बहस के बीच अब धनुष ने पहली बार इस आलोचना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

अवॉर्ड को लेकर आलोचना पर बोले धनुष

एक इवेंट के दौरान धनुष ने नेशनल अवॉर्ड मिलने और इसके बाद हुई चर्चा पर बात की। उन्होंने कहा कि वह उन दर्शकों की भावनाओं का सम्मान करते हैं, जिन्हें दूसरी फिल्मों के जीतने की उम्मीद थी।

धनुष ने कहा कि जिस साल 'रायन' को अवॉर्ड मिला, उस दौरान कई बेहतरीन फिल्में रिलीज हुई थीं। उन फिल्मों के प्रशंसकों ने अगर अपनी राय रखी है तो वह उसका सम्मान करते हैं।

Raayan Profile
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पहले भी कई बार अवॉर्ड से चूके हैं धनुष

धनुष ने यह भी बताया कि उनके करियर में कई ऐसे मौके आए जब लोगों को लगा कि उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने अपनी पुरानी फिल्मों का जिक्र करते हुए कहा कि 'अधु ओरु कना कालम' और 'पुधुपेट्टई' जैसी फिल्मों के लिए भी दर्शकों को उनसे अवॉर्ड जीतने की उम्मीद थी।

एक्टर के मुताबिक, कई बार चीजें समय आने पर ही मिलती हैं। अवॉर्ड मिलना सिर्फ किस्मत नहीं बल्कि कलाकार की मेहनत और उसके सफर का हिस्सा होता है।

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फैंस से की खास अपील

धनुष ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियों को नजरअंदाज करने के बजाय उनका जश्न मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने काम के प्रति हमेशा ईमानदारी रखी है और एक तमिल कलाकार के रूप में उन्हें मिले नेशनल अवॉर्ड उनके लिए बेहद खास हैं।

धनुष ने यह भी कहा कि किसी फिल्म की सफलता या पुरस्कार से ज्यादा जरूरी कलाकार की कोशिश और उसकी मेहनत होती है। उन्होंने 'रायन' के लिए मिले सम्मान को अपने सफर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

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