अरिजीत सिंह अपने गानों में गहरी भावनाओं को उतारने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन ‘रामायण’ के भक्ति गीत जय जय राम की रिकॉर्डिंग के दौरान उनका अनुभव कथित तौर पर एक अलग ही स्तर पर पहुंच गया। पिंकविला की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गायक ने इस गाने को रिकॉर्ड करते समय करीब 200 टेक दिए, क्योंकि वह इसके भक्तिमय भाव में पूरी तरह डूब गए थे।
पिंकविला से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि अरिजीत हर टेक के साथ उस भावना को और तलाशते रहे और गाने में इतने मग्न हो गए कि वह रिकॉर्डिंग सत्र खत्म ही नहीं करना चाहते थे। इस गीत को अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने अपनी आवाज दी है। इसका संगीत ए.आर. रहमान ने तैयार किया है, जबकि गीत के बोल डॉ. कुमार विश्वास ने लिखे हैं।
‘जय जय राम’ के लिए अरिजीत सिंह ने दिए करीब 200 टेक

रिपोर्ट के अनुसार, अरिजीत सिंह ने जय जय राम की रिकॉर्डिंग के दौरान करीब 200 टेक दिए। सूत्र ने बताया कि गायक ने भक्ति गीत की भावना को केवल रिकॉर्डिंग के तकनीकी पहलुओं तक सीमित रखने के बजाय उसमें अलग-अलग भावनाएं तलाशते हुए कई बार गाने की कोशिश की।
लगातार टेक देने के पीछे उनकी कोशिश गीत के लिए सही भावनात्मक प्रभाव हासिल करने की थी। सूत्र के मुताबिक, अरिजीत धीरे-धीरे गाने की भावना में इतने खो गए कि उन्होंने खुद को पूरी तरह उस भावना के हवाले कर दिया।
‘जय जय राम’ में अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की आवाज
जय जय राम में अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की आवाज सुनने को मिलती है, जिससे भारतीय सिनेमा के दो चर्चित पार्श्वगायक एक साथ आए हैं। गीत का संगीत ए.आर. रहमान ने तैयार किया है, जबकि इसके बोल डॉ. कुमार विश्वास ने लिखे हैं।
यह गीत दर्शकों को ‘रामायण’ की भावनात्मक और भक्तिमय दुनिया की झलक देता है। इसके दृश्य भगवान राम और देवी सीता के जीवन से जुड़े प्रसंगों को दिखाते हैं, जिनमें उनके विवाह से लेकर अयोध्या की यात्रा तक के पल शामिल हैं।
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ए.आर. रहमान और श्रेया घोषाल ने बढ़ाई गीत की खासियत

जय जय राम में अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की आवाज के साथ ए.आर. रहमान का संगीत और डॉ. कुमार विश्वास के बोल शामिल हैं। इस संयोजन ने गीत को एक अलग संगीत पहचान दी है, जबकि इसका भक्तिमय स्वर इसके केंद्र में बना हुआ है।
अरिजीत की रिकॉर्डिंग से जुड़ी यह कहानी गीत में एक और परत जोड़ती है, खासकर इसलिए क्योंकि इस तरह के गीत में केवल तकनीकी रूप से सही गायन ही पर्याप्त नहीं होता। प्रस्तुति में भावनाओं की गहराई भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
अरिजीत की रिकॉर्डिंग कहानी से बढ़ी ‘जय जय राम’ की चर्चा
रिकॉर्डिंग से जुड़ी इस कहानी ने जय जय राम को लेकर हो रही चर्चा को और बढ़ा दिया है। अरिजीत ने इस गीत को एक सामान्य रिकॉर्डिंग की तरह लेने के बजाय कथित तौर पर इसकी भावना को तब तक तलाशना जारी रखा, जब तक वह उससे पूरी तरह जुड़ नहीं गए।
गीत ने अपने भक्तिमय स्वर, ए.आर. रहमान की धुन और दृश्यों में रणबीर कपूर तथा साई पल्लवी की मौजूदगी के कारण पहले ही ध्यान खींचा है। अब अरिजीत के कथित 200 टेक वाली रिकॉर्डिंग प्रक्रिया ने प्रशंसकों को उनके गायन के पीछे छिपी भावनाओं को समझने और गीत को दोबारा सुनने की एक और वजह दे दी है।
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