अभिनेता यश ने हाल ही में अपने सात साल के बेटे यथर्व के साथ हुई एक दिलचस्प बातचीत का खुलासा किया। यह बातचीत तब हुई, जब यथर्व को पता चला कि उसके पिता नितेश तिवारी की आगामी महाकाव्य फिल्म रामायण: पार्ट 1 में रावण का किरदार निभाने वाले हैं। बचपन से अपने दादा-दादी से रामायण की कहानी सुनने वाले यथर्व के लिए यह समझना मुश्किल था कि उसके पिता भगवान राम के बजाय खलनायक की भूमिका क्यों निभा रहे हैं।

टीवी प्रस्तोता सुमा कनकला के साथ बातचीत के दौरान कन्नड़ सुपरस्टार ने बताया कि कैसे यथर्व ने उनके किरदार पर सवाल उठाए और जानना चाहा कि फिल्म में उसे किसका साथ देना चाहिए। यश ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने बेटे को एक अभिनेता और उसके निभाए किरदार के बीच का अंतर कैसे समझाया।

यथर्व को समझ नहीं आया कि उनके पिता रावण का किरदार क्यों निभा रहे हैं

यश ने बताया कि उनके बच्चे रामायण की कहानी से अच्छी तरह परिचित हैं, क्योंकि बड़े होते समय उनके दादा-दादी ने उन्हें यह महाकाव्य सुनाया था। ऐसे में जब यथर्व को पता चला कि उसके पिता रावण की भूमिका निभाएंगे, तो वह हैरान रह गया और उसने इस फैसले पर सवाल उठाया। बेटे की प्रतिक्रिया याद करते हुए यश ने बताया, "एक बेटे के लिए उसका पिता हीरो होता है। चूंकि उसे रामायण की कहानी पता है, इसलिए उसने मुझसे पूछा, 'आप रावण हैं? आप रावण कैसे हो सकते हैं? क्या आप राम नहीं हैं?'"

अभिनेता ने बताया कि उन्होंने यथर्व से कहा, "हां, असल जिंदगी में मैं राम हूं, लेकिन फिल्म में रावण का किरदार निभा रहा हूं।" हालांकि, उनकी यह बात सुनकर भी छोटा बेटा तुरंत संतुष्ट नहीं हुआ। उसने जवाब दिया कि फिर तो फिल्म में उसके पिता बुरे इंसान होंगे। यश ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को चित्र बनाकर सिनेमा और अभिनय का मतलब समझाने की कोशिश की। इससे वह उसे यह बताना चाहते थे कि किसी किरदार को निभाने का मतलब असल जिंदगी में वही इंसान बन जाना नहीं है।

यश ने बेटे को समझाया कि फिल्म में किसका साथ देना चाहिए

बातचीत तब और दिलचस्प हो गई, जब यथर्व ने अपने पिता से पूछा कि फिल्म देखते समय उसे किसका साथ देना चाहिए। यश ने माना कि यह एक मुश्किल सवाल था। खासकर इसलिए, क्योंकि वह समझते थे कि कुछ दर्शकों के मन में भी उन्हें रावण के रूप में देखने को लेकर सवाल हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि सीता हरण जैसे दृश्य दर्शकों को उनके किरदार से नफरत करने पर मजबूर कर सकते हैं, भले ही एक अभिनेता के तौर पर वे कितने ही लोकप्रिय क्यों न हों। इसके बाद यश ने अपने बेटे को समझाया कि किसी कलाकार के अभिनय की सराहना करना और महाकाव्य में दिखाए गए आदर्शों को अपनाना दो अलग बातें हैं।

उन्होंने बेटे से कहा कि रामायण की कहानी सुनते समय सभी को भगवान राम के आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए। रावण भले ही आकर्षक, शानदार या शक्तिशाली नजर आए, लेकिन आखिरकार लोगों को भगवान राम के चरित्र का सार समझना चाहिए। साथ ही, यश ने यथर्व से यह भी कहा कि फिल्म देखते समय वह अपने पिता का समर्थन कर सकता है, लेकिन उसे किरदार को व्यक्तिगत रूप से नहीं लेना चाहिए।

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यथर्व के अगले सवाल ने यश को भी कर दिया हैरान

यथर्व के सवाल यहीं खत्म नहीं हुए। उसने अपने पिता से यह भी पूछ लिया कि क्या फिल्म में उनकी मौत हो जाएगी या उनकी हार होगी। यश को एक बार फिर उसे समझाना पड़ा कि वह पर्दे पर सिर्फ एक किरदार निभा रहे हैं। अभिनेता ने स्वीकार किया कि फिल्म पर काम करते समय उन्होंने कभी इस तरह की बातचीत के बारे में नहीं सोचा था।

यश ने बताया कि उन्होंने इस बात पर जरूर विचार किया था कि रावण का किरदार निभाने के उनके फैसले पर प्रशंसकों की क्या प्रतिक्रिया होगी, लेकिन उन्होंने यह नहीं सोचा था कि उनका अपना बेटा इसे किस तरह समझेगा। उन्होंने इस बातचीत को दिलचस्प, लेकिन थोड़ा मुश्किल बताया। उनके लिए एक छोटे बच्चे को असल जिंदगी और पर्दे पर निभाए जाने वाले किरदार के बीच का अंतर समझाना आसान नहीं था। उन्हें यह भी लगा कि उम्र बढ़ने के साथ यथर्व इस बात को और अच्छी तरह समझ पाएगा।

नितेश तिवारी की रामायण: पार्ट 1 के बारे में जानिए

नितेश तिवारी के निर्देशन और निर्माता नमित मल्होत्रा के सहयोग से बन रही रामायण: पार्ट 1 में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण, रवि दुबे लक्ष्मण और सनी देओल हनुमान की भूमिका में नजर आएंगे। यह पौराणिक महाकाव्य रामायण पर आधारित दो भागों वाली सिनेमाई कहानी की पहली फिल्म होगी। इसके संगीत के लिए ऑस्कर विजेता संगीतकार हंस जिमर और ए. आर. रहमान एक साथ जुड़े हैं, जिससे इस भव्य फिल्म का स्तर और भी खास हो गया है।

यह फिल्म 5 नवंबर, 2026 को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। यश का रावण के रूप में नजर आना इस फिल्म से जुड़ी सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक है। अभिनेता इस शक्तिशाली पौराणिक किरदार को कई परतों के साथ पर्दे पर पेश करना चाहते हैं।

फाइनल टेक

यश और उनके बेटे यथर्व के बीच हुई यह बातचीत एक चर्चित खलनायक का किरदार निभाने की चुनौतियों की निजी झलक देती है। खासकर तब, जब बच्चे पहले से उस कहानी को जानते हों और अपने माता-पिता को अपना हीरो मानते हों। जहां अभिनेता दर्शकों को रावण के अपने अंदाज से रूबरू कराने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं उनके बेटे के सवाल यह समझाते हैं कि असल जिंदगी में एक इंसान और पर्दे पर निभाए जाने वाले किरदार के बीच कितना अंतर होता है।

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