विश्वनाथ एंड सन्स एक मनोरंजक पारिवारिक ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन वेंकी अटलूरी ने किया है। फिल्म में सूर्या, ममिता बैजू, राधिका सरथकुमार और रवीना टंडन अहम भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। विश्वनाथ एंड सन्स में पारिवारिक भावनाओं के साथ रोमांस, कॉमेडी और एक्शन का भी तड़का देखने को मिलता है। फिल्म की कहानी एक अमीर कारोबारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सरोगेसी के जरिए पिता बनता है, लेकिन उसे शादी और रिश्तों को लेकर अपनी जटिल सोच का सामना करना पड़ता है। फिल्म में कोई चौंकाने वाला दृश्य या बड़ा प्लॉट ट्विस्ट नहीं है और यह एक सामान्य पारिवारिक ड्रामा जैसी लग सकती है, फिर भी विश्वनाथ एंड सन्स देखने लायक फिल्म है।
विश्वनाथ एंड सन्स मूवी डिटेल्स
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| मूवी का नाम | विश्वनाथ एंड संस |
| रिलीज की तारीख | 14 अगस्त 2026 |
| शैली | पारिवारिक ड्रामा, रोमांटिक ड्रामा |
| निर्देशक | वेंकी एटलुरी |
| लेखक | वेंकी एटलुरी |
| निर्माता | सूर्यदेवरा नागा वामसी, साई सौजन्या |
| मुख्य कलाकार | सूर्या, ममिता बैजू, राधिका सरथकुमार, रवीना टंडन, नासर |
| ओटीटी प्लेटफार्म | घोषित नहीं |
| रेटिंग | 3/5 |
विश्वनाथ एंड सन्स स्टोरी ओवरव्यू
संजय विश्वनाथ (सूर्या) एक अमीर कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उन्होंने अपने लिए एक सफल करियर बनाया है। इसके अलावा वह एक बेहतरीन निशानेबाज भी हैं, जो ओलंपिक में हिस्सा लेकर गोल्ड मेडल जीतते हैं। लेकिन 40 साल की उम्र पार करने के बाद भी संजय शादी नहीं करते, जिसकी वजह उनके बचपन के कुछ अनुभव हैं।
उनकी मां (राधिका सरथकुमार) चाहती हैं कि वह जल्द घर बसा लें और अपने परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाएं। डॉक्टर की सलाह पर वह अमेरिका जाते हैं और सरोगेसी के जरिए एक बच्चे के पिता बनते हैं। दुर्भाग्य से बीमार पड़ने के बाद बच्चे को उसकी जैविक मां की जरूरत पड़ती है।
अब संजय अपने बेटे को जन्म देने वाली महिला की तलाश शुरू करते हैं। इसी सफर के दौरान मैडी (ममिता बैजू) उनकी जिंदगी में आती हैं और उन्हें प्यार और शादी को लेकर अपनी सोच बदलने में मदद करती हैं। आगे की कहानी संजय के बेटे की जैविक मां को खोजने की संभावना और अपनी भावनाओं को समझने के इर्द-गिर्द घूमती है, ताकि वह अपनी मां की इच्छा भी पूरी कर सके।
#VishwanathAndSons
— SmartBarani (@SmartBarani) August 14, 2026
A unique storyline which sets up the prologue really well 👍 excellent performance from Suriya, Mamitha & Radhika ♥️ kitchen scene Sema 😄 emotional connect good specially combination scenes of Mamitha & Radhika 😭♥️
The interval block good 👍 GV Prakash… pic.twitter.com/FBYfa3SnOg
विश्वनाथ एंड सन्स रिव्यू: इमोशनल, सुखद और पारिवारिक
हालांकि, विश्वनाथ एंड सन्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि फिल्म पारिवारिक भावनाओं को मनोरंजन के अच्छे स्तर के साथ जोड़ती है। निर्देशक वेंकी अटलूरी ने फिल्म का माहौल हल्का रखा है, जिससे कहानी आसानी से कॉमेडी से इमोशनल हिस्सों और फिर इमोशनल हिस्सों से कॉमेडी की तरफ बढ़ती है।
संजय और उनकी मां के बीच की बातचीत काफी प्रभावी है और बच्चे से जुड़े भावनात्मक पल फिल्म की खासियत हैं। परिवार के सदस्यों के बीच कुछ बातचीत भी वास्तविक भावनाएं सामने लाती है, भले ही फिल्म हर जगह भावनाओं को जरूरत से ज्यादा नहीं खींचती। स्क्रीनप्ले काफी अनुमानित है और इसमें कई जाने-पहचाने तत्व मौजूद हैं। हालांकि, सही रफ्तार और मनोरंजन से भरपूर हिस्सों की वजह से फिल्म में बोरियत का एहसास नहीं होता। फिल्म के भावनात्मक पहलू इसे एक संपूर्ण अनुभव बनाते हैं।
सूर्या और ममिता बैजू ने जीता दिल
संजय विश्वनाथ के रूप में सूर्या काफी स्टाइलिश और प्रभावशाली नजर आते हैं। वह संजय विश्वनाथ के किरदार को गरिमा के साथ निभाते हैं और जरूरत से ज्यादा अभिनय करने से बचते हैं। फिल्म के भावनात्मक दृश्यों में उनका अभिनय खास तौर पर अच्छा है, विशेषकर जब कहानी परिवार और पिता बनने की भावनाओं पर केंद्रित होती है।
फिल्म में ममिता बैजू भी एक शानदार जुड़ाव हैं। वह अपनी स्वाभाविक ऊर्जा के साथ कहानी में ताजगी लाती हैं और हल्के-फुल्के दृश्यों से लेकर भावनात्मक पलों तक सहजता से अभिनय करती हैं। सूर्या के साथ उनकी केमिस्ट्री फिल्म के रोमांटिक पहलू को भी मजबूत करती है। संजय की मां के किरदार में राधिका सरथकुमार ने भी सराहनीय अभिनय किया है।
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म्यूजिक एंड विजुअल अपील
फिल्म के तकनीकी पहलू इसकी भावुक कहानी को अच्छी तरह सहारा देते हैं। जी.वी. प्रकाश कुमार का बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्म के भावनात्मक हिस्सों को उभारता है, लेकिन उन पर हावी नहीं होता। निमिश रवि की सिनेमैटोग्राफी फिल्म को शानदार रूप देती है, यहां तक कि अमेरिका में फिल्माए गए हिस्से भी खूबसूरत नजर आते हैं। फिल्म का प्रोडक्शन स्तर काफी अच्छा है और नवीन नूली का संपादन कहानी को आगे बढ़ाता रहता है। फाइट सीन्स को भी खूबसूरती और सलीके से पेश किया गया है।
#VishwanathAndSons - Excellent First Half, Followed by an Decent Second half🤝
— AmuthaBharathi (@CinemaWithAB) August 14, 2026
A Complete Feel Good entertainer overloaded with Many Fun moment and a bit of emotional sequences👌
Providing an apt climax was the toughest one for the film, but it was perfectly mounted by… pic.twitter.com/qCsu1YcKEC
क्या हैं कमजोरियां?
- जानी-पहचानी कहानी
- अनुमानित हिस्से
- असमान दूसरा भाग
- सीमित सरप्राइज
क्या विश्वनाथ एंड सन्स देखनी चाहिए?
इसे देखें अगर:
- आपको पारिवारिक ड्रामा पसंद हैं।
- आपको भावनात्मक कहानियां पसंद हैं।
- आप सूर्या के प्रशंसक हैं।
- आपको साफ-सुथरी मनोरंजक फिल्में पसंद हैं।
इसे छोड़ दें अगर:
- आपको जटिल कहानी पसंद है।
- आप दमदार एक्शन की उम्मीद कर रहे हैं।
- आपको पारिवारिक भावनाएं पसंद नहीं हैं।
- आपको डार्क ड्रामा पसंद हैं।
🎬🔥 Vishwanath & Sons – Review
— YJR (@yjrambabu) August 13, 2026
👉 Suriya, who impressed us as Sanjay Ramaswamy in Ghajini, once again delivers a brilliant performance as Sanjay Viswanath.
👉 The family drama between Suriya, Radhika, and Mamitha Baiju in the first half is very good.
Most importantly, Mamitha… pic.twitter.com/Nskr7I60mb
फाइनल वर्डिक्ट
विश्वनाथ एंड सन्स एक प्यारी और संपूर्ण पारिवारिक मनोरंजन फिल्म है, जो भावनाओं और रिश्तों पर ध्यान देती है तो काफी प्रभावी साबित होती है। कहानी पारंपरिक है और इस शैली में कुछ नया पेश नहीं करती, लेकिन वेंकी अटलूरी हास्य, प्यार और भावनाओं का बेहतरीन मेल बनाकर कहानी को मनोरंजक बनाए रखते हैं। सूर्या एक स्टाइलिश अभिनेता के रूप में खुद को साबित करते हैं, वहीं ममिता बैजू अपने ताजगी भरे और आकर्षक अभिनय से प्रभावित करती हैं।
रेटिंग: 3/5
कुल मिलाकर, विश्वनाथ एंड सन्स एक बार सिनेमाघर में देखने लायक सुखद फिल्म है, खासकर सूर्या के प्रशंसकों और एक संपूर्ण पारिवारिक मनोरंजन की तलाश कर रहे दर्शकों के लिए।
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