भारतीय टीवी ने दशकों से परिचित दर्शकों को मजेदार बनाया है बड़े परिवार की धारावाहिकों, भावनात्मक कहानियों और अजीब सारी चरित्रों से। हालांकि कई शो कुछ वर्षों के लिए सफल रहे हैं, केवल कुछ ही शो दशक से चलते रहे हैं। ये सीरियल परिवार के नाम के रूप में बने, आइकनिक चरित्रों का निर्माण किया और पीढ़ियों भर के लिए लायक फैन बेस बनाए। यहाँ पाँच सबसे लंबे चलने वाले भारतीय टीवी सीरियल हैं जिन्होंने अपनी अद्भुत चलन के साथ इतिहास बनाया।
1. ताराक मेहता का ओल्ता चश्मा

वर्ष 2008 में प्रसारित होने वाला “तारक मेहता का उल्टा चश्मा”, भारत का सबसे लंबे समय तक प्रसारित होने वाला कॉमेडी शो है। यह देश के सबसे सफल टेलीविजन शोओं में से भी एक है। अपनी पारिवारिक-अनुकूल कॉमेडी, सामाजिक संदेशों एवं यादगार किरदारों के कारण यह शो लोकप्रिय है। अब तक इस शो के 4,500 से अधिक एपिसोड प्रसारित हो चुके हैं, एवं यह अभी भी सभी आयु वर्गों के दर्शकों का मनोरंजन कर रहा है।
2. यह रिश्ता क्या कहलाता है?

वर्ष 2009 में शुरू हुआ यह धारावाहिक, “ये रिश्ता क्या कहलाता है”, भारतीय टेलीविजन के सबसे प्रसिद्ध पारिवारिक धारावाहिकों में से एक बन गया है। विभिन्न पीढ़ियों के किरदारों एवं विकसित होती कहानियों के कारण यह धारावाहिक 4,900 एपिसोडों तक पहुँच चुका है। 15 वर्षों से अधिक समय से यह धारावाहिक अपने दर्शकों का दिल जीतता आ रहा है।
3. कुमकुम भाग्य

2014 में प्रसारित होने के बाद, “कुमकुम भाग्य” जल्द ही ज़ी टीवी के सबसे लोकप्रिय धारावाहिकों में से एक बन गया। इस रोमांटिक पारिवारिक नाटक ने कई उतार-चढ़ावों, नई पीढ़ियों एवं बदलते किरदारों के बावजूद अपनी लोकप्रियता बनाए रखी। इस तरह, यह भारत के सबसे लंबे समय तक प्रसारित होने वाले धारावाहिकों में से एक बन गया।
4. ये है मोहब्बतें

“ये है मोहब्बतें” नामक यह धारावाहिक वर्ष 2013 से 2019 तक प्रसारित हुआ। इस धारावाहिक के कुल 1,800 से अधिक एपिसोड प्रसारित हुए। दिव्यंका त्रिपाठी एवं करण पटेल इस धारावाहिक के मुख्य कलाकार थे। यह धारावाहिक स्टार प्लस की सबसे सफल धारावाहिकों में से एक रहा, एवं इसे कई टेलीविजन पुरस्कार भी मिले।
5. क्योंकि सास भी कभी बहू ही थीं।

एकता कपूर द्वारा निर्मित, “क्योंकि सास भी कभी बहू थी” नामक धारावाहिक ने वर्ष 2000 में अपने प्रसारण के बाद भारतीय टेलीविजन जगत में क्रांति ला दी। 1,800 से अधिक एपिसोडों तक चलने वाला यह धारावाहिक एक सांस्कृतिक घटना बन गया, एवं आधुनिक भारतीय धारावाहिकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया।

