हिंदी सिनेमा में सुपरहीरो फिल्मों की संख्या हमेशा सीमित रही है। ऐसे में द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो: एलियंस का आगमन एक अलग और दिलचस्प कोशिश बनकर सामने आती है। यह फिल्म पारंपरिक सुपरहीरो की तरह आसमान में उड़ने या दुनिया बचाने वाले नायक की कहानी नहीं सुनाती, बल्कि एक ऐसे दादा की कहानी कहती है जिसे उसका पोता सुपरहीरो मानता है।

Jackie Shroff स्टारर यह फैंटेसी-कॉमेडी मनोरंजन के साथ भावनाओं और पर्यावरण संरक्षण का खूबसूरत संदेश भी देती है। फिल्म बच्चों की कल्पनाशील दुनिया को बेहद मासूम अंदाज में पेश करती है।

द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो: एलियंस का आगमन फिल्म विवरण

कैटेगरीजानकारी
फिल्म का नामद ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो: एलियंस का आगमन
रिलीज़ डेट29 मई, 2026
जॉनरसाइंस-फिक्शन, कॉमेडी, ड्रामा
निर्देशकमनीष सैनी
लेखकमनीष सैनी
मुख्य कलाकारजैकी श्रॉफ
भाषाहिंदी
प्लेटफॉर्मसिनेमाघर
रेटिंग3.5/5

द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो स्टोरी ओवरव्यू: जब दादा बन गए सुपरहीरो

फिल्म की कहानी दीपू नाम के एक होशियार लेकिन कल्पनाशील बच्चे के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बार-बार स्कूल बदलने की वजह से दोस्त बनाने में संघर्ष करता है। अपने नए स्कूल में लोकप्रिय बनने के लिए वह अपने दादा जगदीश के बारे में एक कहानी गढ़ता है कि वे असल में सुपरहीरो हैं।

दीपू अपने सहपाठियों को बताता है कि अगर उसके दादा की पहचान दुनिया के सामने आ गई, तो एलियन धरती पर हमला कर देंगे। इतना ही नहीं, वह यह भी दावा करता है कि अगर 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को यह राज पता चला, तो दादा अपनी शक्तियां खो देंगे।

उसका दोस्त लड्डू इस कहानी पर पूरी तरह विश्वास कर लेता है, जबकि क्लास मॉनिटर चाणक्य हर बात का सबूत मांगता है। हालात तब और मजेदार हो जाते हैं जब दो रहस्यमयी लोग अजीब कपड़ों में वहां पहुंचते हैं और दादा की कथित शक्तियों की परीक्षा शुरू होती है।

द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो रिव्यू: मासूमियत, हास्य और भावनाओं का सुंदर मिश्रण

Manish Saini ने फिल्म को बेहद सरल लेकिन दिलचस्प अंदाज में प्रस्तुत किया है। कहानी में मनोरंजन के साथ बचपन की मासूम सोच और कल्पनाशीलता को खूबसूरती से दिखाया गया है।

फिल्म का पहला भाग रोमांच और उत्सुकता बनाए रखता है। बच्चों के बीच होने वाली बातचीत और दादा को लेकर फैली रहस्यमयी बातें दर्शकों को लगातार बांधे रखती हैं।

“फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी सादगी और बच्चों की कल्पनाओं को ईमानदारी से दिखाने का तरीका है।”

फिल्म पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देती है, लेकिन अच्छी बात यह है कि यह कभी उपदेशात्मक नहीं लगती। कई संवाद हल्के-फुल्के होने के बावजूद गहरी बात कह जाते हैं।

हालांकि क्लाइमेक्स को थोड़ा और प्रभावशाली बनाया जा सकता था। एलियन से जुड़े हिस्सों में भी ज्यादा रोमांच की गुंजाइश महसूस होती है।

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत: बच्चों का शानदार अभिनय

फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसके बाल कलाकार हैं।

  • मिहिर हर्षद गोडबोले ने दीपू के किरदार में कमाल की मासूमियत दिखाई है।
  • शिवांश चोरगे का लड्डू बेहद मनोरंजक लगता है और उनकी कॉमिक टाइमिंग शानदार है।
  • जिहान जितेंद्र होडार क्लास मॉनिटर के रूप में प्रभाव छोड़ते हैं।

दीपू द्वारा दादा को सुपरहीरो साबित करने की कोशिशें, बच्चों की जासूसी और दादा का छिपकली से डरना जैसे कई दृश्य दर्शकों को मुस्कुराने पर मजबूर करते हैं।

Performances: जैकी श्रॉफ ने जीता दिल

  • Jackie Shroff दादा जगदीश के किरदार में बेहद सहज और भावुक नजर आते हैं। बच्चों के साथ उनकी केमिस्ट्री फिल्म को और खास बनाती है।
  • Bhagyashree छोटी भूमिका में भी प्रभाव छोड़ती हैं। वहीं Durgesh Kumar और Virendra Saxena अपने किरदारों में विश्वसनीय लगते हैं।
  • एलियन की भूमिका निभाने वाले कलाकार भी मनोरंजक मौजूदगी दर्ज कराते हैं।

Technical Aspects: विजुअल्स और बैकग्राउंड स्कोर बने प्लस पॉइंट

फिल्म की सिनेमेटोग्राफी बेहद खूबसूरत है। प्राकृतिक लोकेशन्स और छोटे शहर के माहौल को कैमरे में बारीकी से कैद किया गया है।

बैकग्राउंड म्यूजिक कहानी के भावों को और बेहतर बनाता है। फिल्म का टोन हल्का और पारिवारिक बना रहता है, जो इसे हर उम्र के दर्शकों के लिए मनोरंजक बनाता है।

क्या The Great Grand Superhero देखनी चाहिए?

फिल्म देखें अगर आप:

  • फैमिली एंटरटेनर पसंद करते हैं
  • बच्चों वाली मासूम कहानियां देखना चाहते हैं
  • फैंटेसी और कॉमेडी का मिश्रण पसंद करते हैं
  • जैकी श्रॉफ के फैन हैं

फिल्म Avoid करें अगर आप:

  • हाई-ऑक्टेन सुपरहीरो एक्शन चाहते हैं
  • गंभीर साइंस-फिक्शन फिल्में पसंद करते हैं
  • तेज रफ्तार कहानी की उम्मीद कर रहे हैं

द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो Final Verdict

The Great Grand Superhero: Aliens Ka Aagman एक ऐसी पारिवारिक फिल्म है जो मनोरंजन के साथ भावनाएं, बचपन की कल्पनाएं और मानवीय संवेदनाएं खूबसूरती से पेश करती है।

Jackie Shroff और बाल कलाकारों की शानदार परफॉर्मेंस फिल्म को खास बनाती है। कमजोर क्लाइमेक्स के बावजूद फिल्म अपनी सादगी और दिल छू लेने वाले पलों की वजह से याद रह जाती है।

Rating: 3.5/5

अगर आप हल्की-फुल्की, दिल खुश कर देने वाली फैमिली फिल्म देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकती है।