द फिक्स 2026 की एक्शन थ्रिलर फिल्म है, जिसका निर्देशन गाइ मोशे ने किया है और इसमें लियाम नीसन और ज़ैकरी लेवी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म कुछ बदनाम पूर्व सीआईए अधिकारियों की कहानी है, जो अफगानिस्तान में एक असफल मिशन के बाद तेहरान जाते हैं। उनका मकसद एक खतरनाक बचाव अभियान को अंजाम देकर अपनी खोई प्रतिष्ठा वापस पाना है। फिल्म 11 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई और इसकी अवधि 2 घंटे 22 मिनट है।

फिल्म का आधार एक तनावपूर्ण जासूसी थ्रिलर का वादा करता है, लेकिन इसका निष्पादन उस स्तर तक नहीं पहुंच पाता। फिल्म में एक्शन और सस्पेंस के कुछ अच्छे पल जरूर हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा फैली कहानी, उलझे हुए रिश्ते और असमान गति इसे वह दमदार लियाम नीसन थ्रिलर नहीं बनने देते, जैसी यह बनना चाहती है। मौजूदा समीक्षकीय प्रतिक्रिया भी काफी नकारात्मक है। जांच के समय रॉटन टोमेटोज़ पर 11 समीक्षाओं के आधार पर फिल्म का टोमेटोमीटर स्कोर सिर्फ 9% था।

द फिक्स फिल्म की जानकारी

जानकारीविवरण
फिल्म का नामद फिक्स
रिलीज डेट11 सितंबर 2026
शैलीएक्शन, थ्रिलर
निर्देशकगाइ मोशे
लेखकगाइ मोशे, मार्क बैकी, रॉन हचिंसन
निर्मातागाइ मोशे, मरीना ग्रासिक, मैथ्यू जी. ज़ामियास, डेविड लिपर, रयान डी. एडम्स, रॉबर्ट ए. डेली जूनियर, शालोम आइज़ेनबैक, रसेल गेइज़र, जस्टिन ओबरमैन
मुख्य कलाकारलियाम नीसन, ज़ैकरी लेवी, क्विंसी इसाया, वेस चैथम, जेक चोई, ऑगस्टो एगुइलेरा, एलनाज़ नौरोज़ी, टाइटस वेलिवर
अवधि2 घंटे 22 मिनट
ओटीटी प्लेटफॉर्मअभी उपलब्ध नहीं
रेटिंग2/5

फिल्म को तेज और खून से सनी हिंसा, गाली-गलौज और कुछ नग्न दृश्यों के लिए आर रेटिंग दी गई है। यह फिलहाल सिनेमाघरों में चल रही है और अभी तक किसी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है।

द फिक्स की कहानी

द फिक्स की कहानी लैरी (लियाम नीसन) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पूर्व सीआईए अधिकारी है। वह टकर (ज़ैकरी लेवी) और युद्ध से बुरी तरह प्रभावित पूर्व सीआईए एजेंटों के एक समूह को मार्गदर्शन देता है। अफगानिस्तान में उनका मिशन बुरी तरह असफल होने के बाद बदनाम हो चुकी टीम खुद ही कुछ करने का फैसला करती है।

उनका नया मिशन उन्हें तेहरान ले जाता है, जहां वे एक खतरनाक बचाव अभियान को अंजाम देने की कोशिश करते हैं और साथ ही एक ऐसी बड़ी रकम हासिल करने के पीछे भी लग जाते हैं, जो उनकी जिंदगी बदल सकती है। जो अभियान शुरुआत में अपनी प्रतिष्ठा वापस पाने की कोशिश लगता है, वह जल्द ही बदलते भरोसे, धोखे और बढ़ते खतरे के कारण उलझ जाता है।

लैरी का अनुभव टीम को एक महत्वपूर्ण फायदा देता है, लेकिन जैसे-जैसे उनकी योजनाएं बिगड़ने लगती हैं, अभियान लगातार मुश्किल होता जाता है। कहानी का बाकी हिस्सा इसी बात पर केंद्रित है कि क्या यह समूह अपनी गलतियों के परिणाम सामने आने से पहले मिशन पूरा कर पाएगा।

द फिक्स रिव्यू: पकड़ खो देती है थ्रिलर

द फिक्स की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसकी महत्वाकांक्षी कहानी उतनी मजबूत पटकथा में नहीं बदल पाती। बदनाम सीआईए अधिकारियों का तेहरान में एक खतरनाक मिशन पर जाना एक तनावपूर्ण एक्शन फिल्म के लिए काफी अच्छा आधार है, लेकिन पटकथा लगातार नई उलझनें जोड़ती रहती है और उन्हें पर्याप्त प्रभाव नहीं दे पाती।

फिल्म को अपनी कहानी को आगे बढ़ाने में भी काफी समय लगता है। एक मौजूदा समीक्षक ने इसे वफादारी और धोखे से भरी उलझी कहानी को सुलझाने में “बेहद लंबा समय” लेने वाली फिल्म बताया, जबकि एक अन्य समीक्षक ने इसे कभी-कभार रोमांच पैदा करने वाली लेकिन ज्यादातर जरूरत से ज्यादा फैली हुई एक्शन थ्रिलर कहा है।

फिर भी, फिल्म में पुराने जमाने की एक्शन फिल्मों वाला कुछ रोमांच मौजूद है, जो लियाम नीसन के प्रशंसकों को पसंद आ सकता है। दांव स्पष्ट हैं, मिशन में कुछ तत्कालता है और कुछ दृश्य वास्तव में रोमांच पैदा करते हैं। लेकिन इन पलों के बीच फिल्म बार-बार अपनी गति खो देती है। संतोषजनक अंत की ओर लगातार बढ़ने के बजाय द फिक्स अपनी ही कहानी के बोझ तले दबती जाती है।

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लियाम नीसन और ज़ैकरी लेवी ने संभाली कमान

लियाम नीसन लैरी के किरदार में अपनी परिचित स्क्रीन मौजूदगी लेकर आते हैं। उनके किरदार को ऐसे अनुभवी अधिकारी के रूप में पेश किया गया है, जो जानता है कि यह मिशन कितना खतरनाक हो सकता है। नीसन इस भूमिका में ऐसी गंभीरता लाते हैं, जिसकी इस तरह की थ्रिलर से उम्मीद की जाती है। ज़ैकरी लेवी टीम के नेता टकर की भूमिका निभाते हैं।

यहां लेवी को सिर्फ नीसन के किरदार का साथ देने से ज्यादा जिम्मेदारी मिलती है, लेकिन पटकथा टकर के किरदार में इतनी गहराई नहीं ला पाती कि उसके फैसले भावनात्मक रूप से पूरी तरह विश्वसनीय लगें। सहायक कलाकारों में क्ले के रूप में क्विंसी इसाया, एलेक्स के रूप में वेस चैथम, चार्ली के रूप में जेक चोई, ब्रूस के रूप में ऑगस्टो एगुइलेरा और ज़ारा के रूप में एलनाज़ नौरोज़ी शामिल हैं।

एक्शन और दृश्य अपील

फिल्म में पारंपरिक जासूसी एक्शन फिल्म के लगभग सभी जरूरी तत्व मौजूद हैं। इसमें अफगानिस्तान की पृष्ठभूमि, तेहरान का माहौल, बचाव अभियान और हथियारबंद टकराव शामिल हैं। हालांकि, एक्शन भी पटकथा की कमजोरियों की भरपाई लगातार नहीं कर पाता। 142 मिनट की अवधि भी फिल्म के खिलाफ जाती है। अगर संपादन थोड़ा कसा हुआ होता, तो मिशन ज्यादा तनावपूर्ण महसूस होता और बेहतर एक्शन दृश्यों का असर भी बढ़ सकता था।

फिल्म की आर रेटिंग तेज और खूनी हिंसा की अनुमति देती है, जो इसके अंधेरे अंदाज के अनुरूप है। फिर भी, हिंसा अक्सर एक बड़ी समस्या का हिस्सा लगती है। फिल्म बेहतर लेखन के बजाय बड़े पैमाने और हिंसा के जरिए तनाव पैदा करने की कोशिश करती है, जबकि ज्यादा प्रभावी पटकथा इससे कहीं बेहतर काम कर सकती थी।

कमजोरियां क्या हैं?

  • जरूरत से ज्यादा लंबी अवधि
  • असमान गति
  • जरूरत से ज्यादा उलझी पटकथा
  • किरदारों का कमजोर विकास

क्या द फिक्स देखने लायक है?

इसे देखें अगर आप:

  • लियाम नीसन की थ्रिलर पसंद करते हैं
  • सीआईए पर आधारित एक्शन कहानियां पसंद करते हैं
  • सैन्य अभियानों वाली फिल्में पसंद करते हैं
  • सिनेमाघर में एक्शन फिल्म देखना चाहते हैं

इसे छोड़ दें अगर आप:

  • चुस्त और कसी हुई थ्रिलर की उम्मीद करते हैं
  • लंबी एक्शन फिल्में पसंद नहीं करते
  • किरदारों में ज्यादा गहराई चाहते हैं
  • ज्यादा समझदार जासूसी कहानियां पसंद करते हैं

फाइनल वर्डिक्ट

द फिक्स में लियाम नीसन की एक्शन थ्रिलर के सभी जाने-पहचाने तत्व मौजूद हैं, लेकिन इन सभी चीजों को एक साथ रखने भर से कोई फिल्म रोमांचक नहीं बन जाती। कलाकारों की टोली, अंतरराष्ट्रीय पृष्ठभूमि और बचाव अभियान की कहानी में काफी संभावनाएं हैं, लेकिन पटकथा अपनी ही कहानी के बोझ तले संघर्ष करती नजर आती है।

नीसन के प्रशंसकों के लिए फिल्म में पर्याप्त एक्शन दृश्य और इस शैली से जुड़े परिचित तत्व हैं, जो इसे एक बार देखने लायक बना सकते हैं। हालांकि, जो दर्शक एक तेज, कसी हुई जासूसी थ्रिलर की तलाश में हैं, उन्हें यह फिल्म निराशाजनक रूप से धीमी और जरूरत से ज्यादा बोझिल लग सकती है।

रेटिंग: 2/5

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