भारतीय सिनेमा में साइंस-फिक्शन फिल्मों की संख्या भले ही सीमित रही हो, लेकिन अब इस जॉनर में एक नई और अलग सोच के साथ फिल्म 'सिम्युलाक्रा (Simulacra)' दस्तक देने जा रही है। निर्देशक पंकज सावंत की यह फिल्म भविष्य की ऐसी दुनिया को पर्दे पर उतारती है, जहां इंसानों की यादें भी तकनीक के नियंत्रण में होंगी। फिल्म में अक्षरा हासन और सत्यजीत दुबे मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म 17 जुलाई को Waves OTT पर रिलीज होगी।

भविष्य की दुनिया में आधारित है 'सिम्युलाक्रा'

'सिम्युलाक्रा' की कहानी एक ऐसे समय की कल्पना करती है, जहां इंसानों के दिमाग में लगे न्यूरल ब्रेन चिप्स उनकी यादों को नियंत्रित करते हैं। इस तकनीक की मदद से लोग अपनी पुरानी यादों को बदल सकते हैं, मिटा सकते हैं या फिर पूरी तरह से नया रूप दे सकते हैं।

ऐसी दुनिया में वास्तविकता और कृत्रिम अनुभवों के बीच की दूरी लगभग खत्म हो चुकी है। यही अवधारणा फिल्म को पारंपरिक प्रेम कहानियों से अलग बनाती है।

Simulacra Profile
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नयन और निवी की रहस्यमयी कहानी

फिल्म की कहानी नयन (सत्यजीत दुबे) और निवी (अक्षरा हासन) के इर्द-गिर्द घूमती है। नयन का दावा है कि दोनों का अतीत एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा हुआ है। वह अपनी न्यूरल मेमोरी वॉल्ट में सुरक्षित तस्वीरों के जरिए इस रिश्ते के सबूत भी पेश करता है।

लेकिन दूसरी ओर निवी को नयन के बारे में कुछ भी याद नहीं है। उसकी मेमोरी वॉल्ट पूरी तरह खाली है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सच क्या है? क्या किसी ने उसकी यादें मिटा दी हैं या फिर नयन जिस रिश्ते की बात कर रहा है, वह केवल एक डिजिटल भ्रम है?

इसी रहस्य को सुलझाने की कोशिश के दौरान दोनों के बीच भावनात्मक जुड़ाव विकसित होता है, लेकिन कहानी लगातार दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करती रहती है कि वे जिस प्रेम को देख रहे हैं, वह असली है या किसी तकनीकी सिमुलेशन का हिस्सा।

Simulacra Profile
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तकनीक और इंसानी भावनाओं पर उठाती है सवाल

निर्देशक और लेखक पंकज सावंत के अनुसार, फिल्म केवल भविष्य की तकनीक नहीं दिखाती, बल्कि इंसानी रिश्तों और भरोसे पर भी गंभीर सवाल उठाती है।

उनका मानना है कि आज की दुनिया में असली और नकली के बीच की रेखा लगातार धुंधली होती जा रही है। जब तस्वीरें, वीडियो और यहां तक कि हमारी निजी यादें भी पूरी तरह भरोसेमंद न रहें, तब सच की पहचान कैसे होगी? फिल्म इसी विचार को केंद्र में रखकर आगे बढ़ती है।

प्रेम की नई परिभाषा पेश करेगी फिल्म

'सिम्युलाक्रा' केवल साइंस-फिक्शन या तकनीकी कल्पना तक सीमित नहीं है। फिल्म यह सवाल भी उठाती है कि अगर प्यार सिर्फ एक एहसास है, तो क्या यह मायने रखता है कि वह वास्तविक दुनिया में जन्मा है या किसी कृत्रिम सिमुलेशन में?

यही दार्शनिक सोच फिल्म को सामान्य रोमांटिक ड्रामा से अलग पहचान देती है।

17 जुलाई को Waves OTT पर होगी रिलीज

फिलोसिआ फिल्म्स के बैनर तले बनी 'सिम्युलाक्रा' का प्रीमियर 17 जुलाई को विशेष रूप से Waves OTT पर किया जाएगा। आधुनिक तकनीक, रोमांच, रहस्य और भावनाओं का अनोखा मिश्रण पेश करने वाली यह फिल्म उन दर्शकों के लिए खास हो सकती है, जो पारंपरिक कहानियों से हटकर कुछ नया देखने की तलाश में हैं।