रानाबाली एक तेलुगु पीरियड एक्शन ड्रामा है, जिसमें विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन राहुल सांकृत्यान ने किया है। 1876–1878 के विनाशकारी महाअकाल की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म ऐतिहासिक घटनाओं को ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ प्रतिरोध की एक काल्पनिक कहानी के साथ जोड़ती है।
फिल्म का पहला भाग दिलचस्प है। उस दौर को दर्शाते शानदार दृश्य और मुख्य कलाकारों के बीच मजबूत केमिस्ट्री इसकी खूबियों में शामिल हैं। हालांकि, अनुमानित लेखन, असमान गति और जरूरत से ज्यादा खिंचा हुआ दूसरा भाग इसे अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने से रोकता है। फिल्म का विषय भावनात्मक रूप से काफी प्रभावशाली है, लेकिन इसकी प्रस्तुति हर जगह कहानी के साथ न्याय नहीं कर पाती।
रानाबाली मूवी डिटेल्स
| फिल्म की जानकारी | विवरण |
|---|---|
| फिल्म का नाम | रानाबाली |
| रिलीज़ डेट | 16 अक्टूबर, 2026 |
| शैली | पीरियड एक्शन, ड्रामा, इतिहास |
| निर्देशक | राहुल सांकृत्यान |
| लेखक | प्रमोद तम्मिनेनी |
| निर्माता | नवीन येरनेनी, वाई. रवि शंकर |
| प्रोडक्शन हाउस | मैत्री मूवी मेकर्स |
| मुख्य कलाकार | विजय देवरकोंडा, रश्मिका मंदाना, अर्नोल्ड वॉस्लू, ईश्वरी राव, विनोद सागर |
| अवधि | 3 घंटे 5 मिनट |
| भाषा | तेलुगु |
| रेटिंग | 3.5/5 |
रानाबाली की कहानी
फिल्म की कहानी सिंगनमाला बोब्बिली रानाबाली (विजय देवरकोंडा) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी किस्मत ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के अधीन रहने वाले लोगों के संघर्ष से जुड़ जाती है। 1876–1878 के महाअकाल की पृष्ठभूमि में बनी यह कहानी दिखाती है कि औपनिवेशिक नीतियों और अनाज के निर्यात ने मद्रास प्रेसीडेंसी में बड़े पैमाने पर लोगों की पीड़ा को किस तरह बढ़ाया।
ब्रिटिश अधिकारी लगातार क्षेत्र का शोषण करते रहते हैं, जिसके बीच रानाबाली उनके अत्याचारों के खिलाफ खड़ा होता है और अपने लोगों की रक्षा करने की कोशिश करता है। उसका संघर्ष उसे सर थियोडोर हेक्टर (अर्नोल्ड वॉस्लू) के आमने-सामने ले आता है। हेक्टर एक शक्तिशाली ब्रिटिश कमिश्नर है, जिसकी योजनाएं गांव और वहां रहने वाले लोगों के लिए खतरा बन जाती हैं।
रश्मिका मंदाना ने जयम्मा का किरदार निभाया है, जो रानाबाली की पत्नी है। दोनों का रिश्ता ऐतिहासिक संघर्ष में भावनात्मक गहराई जोड़ता है। फिल्म रानाबाली के गांव के देवता भद्र मल्लन्ना से जुड़ाव और उसकी असली पहचान के रहस्य को भी दिखाती है। कहानी का बाकी हिस्सा प्रतिरोध, बलिदान और रानाबाली के उस सफर पर केंद्रित है, जिसमें वह औपनिवेशिक उत्पीड़न के खिलाफ विद्रोह का प्रतीक बनता है।
#Ranabaali Review – 2.5/5 ⭐
A promising first half with Vijay Deverakonda delivering arguably his career-best performance! 🔥 Vijay–Rashmika chemistry works well, and the interval stands out. 👌
But a predictable, sluggish second half with repetitive scenes and an underwhelming pre-climax dilutes the impact.
Verdict: Strong start, weak finish. A missed opportunity!
#VijayDeverakonda #RashmikaMandanna
— Bagunda (@BagundaReviews) October 16, 2026
रानाबाली रिव्यू: दिलचस्प पहला भाग, अनुमानित दूसरा भाग
रानाबाली की सबसे बड़ी ताकत इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है। फिल्म औपनिवेशिक इतिहास के एक दर्दनाक दौर की ओर ध्यान खींचने की कोशिश करती है, जिसे मुख्यधारा के तेलुगु सिनेमा में बहुत कम दिखाया जाता है। शुरुआती हिस्से को अपनी गति पकड़ने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन संघर्ष आगे बढ़ने के साथ कहानी अधिक दिलचस्प हो जाती है। ब्रिटिश अधिकारियों के गांव पहुंचने और स्थानीय लोगों के साथ किए जाने वाले व्यवहार को दिखाने वाले दृश्य फिल्म के मजबूत हिस्सों में शामिल हैं। इंटरवल से पहले का सीक्वेंस उत्सुकता बढ़ाता है और कहानी को एक आशाजनक दिशा देता है।
दुर्भाग्य से, दूसरा भाग उस रफ्तार को बनाए रखने में संघर्ष करता है। कई घटनाक्रम दूसरे पीरियड एक्शन ड्रामाओं में देखे गए जाने-पहचाने पैटर्न पर चलते हैं। बार-बार दोहराए गए दृश्य कहानी को जरूरत से ज्यादा लंबा महसूस कराते हैं। कोबाली वाला प्रसंग भी उस चौंकाने वाले मोड़ का असर पैदा नहीं कर पाता, जिसका वह संकेत देता है। फिल्म के भावनात्मक दृश्य भी हमेशा अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ते। इसकी एक वजह यह है कि पटकथा हर महत्वपूर्ण घटनाक्रम को पर्याप्त समय नहीं देती। अगर फिल्म की एडिटिंग थोड़ी ज्यादा चुस्त होती, तो देखने का पूरा अनुभव काफी बेहतर हो सकता था।
विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने किया प्रभावित
विजय देवरकोंडा रानाबाली के किरदार में ईमानदार अभिनय करते हैं और उनका रफ लुक इस भूमिका के अनुकूल है। कई दृश्यों में उनके संवाद बोलने का अंदाज क्षेत्रीय पृष्ठभूमि के साथ मेल खाता है। भावनात्मक दृश्यों में भी वह अच्छा प्रदर्शन करते हैं। हालांकि, कुछ एक्शन सीक्वेंस थोड़े अकड़े हुए लगते हैं और कुछ जगह उनके हावभाव में सहजता की कमी महसूस होती है।
रश्मिका मंदाना फिल्म की सबसे बड़ी खूबियों में से एक हैं। जयम्मा के किरदार में वह भावनात्मक और रोमांटिक दृश्यों को आत्मविश्वास के साथ निभाती हैं। विजय के साथ उनकी केमिस्ट्री कहानी में गर्मजोशी जोड़ती है, जिससे दोनों के साथ वाले दृश्य फिल्म के सबसे मनोरंजक पलों में शामिल हो जाते हैं। अर्नोल्ड वॉस्लू सर थियोडोर हेक्टर के किरदार में प्रभावशाली मौजूदगी दर्ज कराते हैं और खलनायक की भूमिका को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर नहीं निभाते। ईश्वरी राव रानाबाली की मां के रूप में प्रभावी हैं, जबकि विनोद सागर अपनी अहम सहायक भूमिका में मजबूत छाप छोड़ते हैं।
अजय-अतुल का संगीत फिल्म की खासियत बढ़ाता है। इसके गाने याद रह जाते हैं और बैकग्राउंड स्कोर उस दौर के माहौल को उभारने में मदद करता है। जिष्णु भट्टाचार्जी और निरव शाह की सिनेमैटोग्राफी भी फिल्म की दुनिया को प्रभावशाली ढंग से पेश करती है। गुफा में होने वाला फाइट सीक्वेंस अपनी प्रस्तुति के कारण खास तौर पर ध्यान खींचता है। हालांकि, कुछ विजुअल इफेक्ट्स, खासकर मद्रास बंदरगाह वाले दृश्य में, असमान नजर आते हैं।
#Ranabaali : Movie Review 🍿🎬💥
PROS:
Vijay Deverakonda delivers a strong performance with great conviction. Rashmika Mandanna’s screen presence and emotional performance are top-notch. The director’s vision and intent are commendable. The BGM effectively supports the film’s premise. Strong production values.
CONS:
- The lengthy runtime feels tiring and could have benefited from a tighter edit.
- Both halves suffer from pacing issues and test our patience. 3.Predictable screenplay.
Overall: A decent watch if you have the time and are a fan of period films. Rating: 2.5/5 ⭐⭐✨
— Deon X (@umashankar82721) October 16, 2026
फिल्म की कमजोरियां क्या हैं?
कमियां:
- अनुमानित पटकथा
- लंबी अवधि
- असमान दृश्य प्रभाव
- कहानी की असमान गति
क्या रानाबाली देखना चाहिए?
फिल्म देखें अगर आप:
- ऐतिहासिक एक्शन ड्रामा पसंद करते हैं
- विजय और रश्मिका की केमिस्ट्री देखना चाहते हैं
- औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष की कहानियां पसंद करते हैं
- भव्य पीरियड फिल्में देखना पसंद करते हैं
फिल्म छोड़ सकते हैं अगर आप:
- कसी हुई कहानी की उम्मीद करते हैं
- लंबी फिल्मों से बचते हैं
- लगातार एक्शन देखना चाहते हैं
- भावनात्मक रूप से दमदार ड्रामा पसंद करते हैं
#Ranabaali Honest Intentions, Patience Testing Execution!
The director sincerely tries to tell real stories/events set against a beaten to death British backdrop, but the dead slow screenplay and flat narration test your patience. VD-Rashmika’s portions provide some relief and are the film’s main highlight, but the film lacks the emotional connect a subject like this needs and feels lifeless and tiring for long stretches.
Production values and set design stand out. VD’s effort is visible and he gives a sincere performance, though his characterization and histrionics feel odd at times. BGM is a huge letdown, and the film badly needs trimming. Sincere effort, but a strictly boring watch.
Rating: 2/5
— Venky Reviews (@venkyreviews) October 16, 2026
फाइनल फैसला
रानाबाली एक महत्वाकांक्षी पीरियड एक्शन ड्रामा है, जिसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि अर्थपूर्ण है। इसमें मुख्य कलाकारों का मजबूत अभिनय और प्रभावशाली प्रोडक्शन डिजाइन देखने को मिलता है। विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना कहानी में गर्मजोशी लाते हैं, जबकि अजय-अतुल का संगीत और गुफा में होने वाला फाइट सीक्वेंस फिल्म के यादगार हिस्सों में शामिल हैं।
हालांकि, अनुमानित दूसरा भाग, दोहराए गए दृश्य और जरूरत से ज्यादा लंबी अवधि फिल्म के कुल प्रभाव को कमजोर करते हैं। फिल्म के पास कहने के लिए एक महत्वपूर्ण कहानी है, लेकिन जानी-पहचानी पटकथा और भावनात्मक दृश्यों की असमान प्रस्तुति इसे एक सचमुच यादगार ऐतिहासिक ड्रामा बनने से रोकती है।
रेटिंग: 3.5/5
औपनिवेशिक इतिहास और मुख्यधारा का तेलुगु एक्शन सिनेमा पसंद करने वाले दर्शकों के लिए रानाबाली में देखने लायक कई दिलचस्प पल हैं। यह एक ईमानदार कोशिश है, जो ज्यादा चुस्त लेखन और बेहतर एडिटिंग के साथ कहीं अधिक प्रभावशाली बन सकती थी।

