मालविका मोहनन ने ऐसा करियर बनाया है, जो खुद को सिर्फ एक भाषा और एक फिल्म उद्योग तक सीमित नहीं रखता। अभिनेत्री ने लगातार पर्दे पर अलग-अलग क्षेत्रों को तलाशा है। उन्होंने मलयालम फिल्मों से लेकर तमिल, हिंदी और तेलुगु फिल्मों तक में काम किया है। हाल ही में एक साक्षात्कार में उन्होंने फिल्में चुनने की अपनी प्रक्रिया के बारे में बात की और बताया कि बेहतरीन निर्देशकों के साथ काम करने में भाषा उनके लिए कोई बाधा नहीं है। मालविका मोहनन के लिए अलग-अलग फिल्म उद्योगों में काम करना किसी वर्गीकरण के बारे में नहीं, बल्कि अच्छी कहानियों और अच्छे निर्देशकों को तलाशने के बारे में है। उनका अब तक का करियर इसी सोच का प्रमाण है।

मालविका मोहनन अच्छे फिल्मकारों के साथ काम करना चाहती हैं

मालविका के करियर से साफ है कि वह खुद को किसी एक फिल्म उद्योग तक सीमित रखने के लिए तैयार नहीं हैं। उनकी प्राथमिकता दमदार कहानियों की पहचान करना और ऐसे निर्देशकों के साथ जुड़ना है, जिनकी सोच उनसे मिलती हो। इसी वजह से वह अलग-अलग सिनेमाई दुनिया के बीच अपनी जगह बनाने में सफल रही हैं।

वह भाषा को किसी रुकावट के तौर पर नहीं देखतीं। इसके बजाय, अलग-अलग उद्योगों में काम करने की आजादी को वह नई फिल्म शैलियों को तलाशने और नए निर्देशकों के साथ काम करने का अवसर मानती हैं। अब तक वह मलयालम फिल्मों से तमिल की बड़ी सफल फिल्मों और हिंदी फिल्मों तक का सफर तय कर चुकी हैं, जबकि उनकी हालिया तेलुगु शुरुआत ने उन्हें और अधिक चर्चा में ला दिया है।

Malavika Mohanan
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बियॉन्ड द क्लाउड्स से दक्षिण भारतीय सिनेमा तक

शुरुआत में मालविका ने मलयालम फिल्म पट्टम पोले से अभिनय की शुरुआत की, लेकिन उन्हें हिंदी फिल्म बियॉन्ड द क्लाउड्स से पहचान मिली, जिसका निर्देशन माजिद मजीदी ने किया था। इस फिल्म ने उन्हें बिल्कुल अलग तरह के माहौल में अभिनय करने और असामान्य भूमिकाओं में जोखिम उठाने वाली अभिनेत्री के रूप में खुद को स्थापित करने का मंच दिया।

इसके बाद उन्होंने तमिल फिल्मों का रुख किया और पेट्टा में अभिनय किया, जिसमें अभिनेता रजनीकांत समेत कई बड़े कलाकार शामिल थे। उनका करियर आगे बढ़ा और उन्होंने अभिनेता विजय के साथ एक और तमिल फिल्म मास्टर में काम किया। यह फिल्म उनके लिए बड़ी व्यावसायिक सफलता साबित हुई। उनकी अन्य फिल्मों में मारन, क्रिस्टी, थंगालान और युध्रा शामिल हैं।

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उनका करियर लगातार भाषाओं की सीमाएं पार कर रहा है

मालविका का हालिया काम भी उनके करियर की इसी दिशा को दिखाता है। उन्होंने हाल ही में मलयालम भाषा की फिल्म हृदयपूर्वम में अभिनय किया है और तेलुगु भाषा में बन रही फिल्म द राजा साब में भी काम किया है। उन्होंने सरदार 2 के जरिए खुद को तमिल सिनेमा से भी जोड़े रखा है। भाषा की परवाह किए बिना अपनी फिल्मों का चुनाव करना दिखाता है कि वह भाषा से ज्यादा उन अवसरों को महत्व देती हैं, जो ये परियोजनाएं उन्हें देती हैं। भारतीय फिल्म उद्योग के संदर्भ में उनका यह नजरिया खास महत्व रखता है, क्योंकि अब पहले की तुलना में कलाकार क्षेत्रीय फिल्म उद्योगों की सीमाएं पार करते हुए ज्यादा नजर आ रहे हैं।

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मालविका मोहनन का सफर अभी भी बदल रहा है

मालविका के करियर को दिलचस्प बनाने वाली बात यह है कि उन्होंने अपनी अभिनय यात्रा में अलग-अलग भूमिकाओं और फिल्म उद्योगों का अनुभव लिया है। उन्होंने जाने-माने कलाकारों के साथ काम किया है, एक्शन फिल्मों में अभिनय किया है और बिल्कुल अलग सिनेमाई दुनिया में स्थापित फिल्मों में महिलाओं की भूमिकाएं निभाई हैं।

जब वह हर जगह अच्छे फिल्मकारों के साथ काम करने की इच्छा की बात करती हैं, तो यह उनके अभिनय करियर के ऐसे नजरिए को दिखाता है, जो रचनात्मकता पर आधारित है, न कि भौगोलिक सीमाओं या भाषा पर। यह सोच भविष्य में भारतीय फिल्म उद्योग में उनके लिए और अधिक सहयोग के रास्ते खोल सकती है। जब तक वह मलयालम, तमिल, हिंदी और तेलुगु फिल्मों में काम करती रहेंगी, ऐसा लगता है कि मालविका इस सफर को अप्रत्याशित दिशा में आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

फाइनल टेक

पूरे मालविका मोहनन के करियर में वह एक भाषा या एक पेशे की सीमाओं से आगे बढ़ती दिखाई दी हैं। अलग-अलग फिल्मों के बारे में अपना ज्ञान बढ़ाने, विभिन्न फिल्मकारों के साथ काम करने और नई चुनौतियों का सामना करने से उनके करियर का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसी रचनात्मक साझेदारियों की तलाश में उनके करियर का “भाषा की कोई सीमा नहीं” वाला पहलू आने वाले दिनों में और अधिक विविध हो सकता है।

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