तमिल रोमांटिक ड्रामा हाइकू का निर्देशन युवराज चिन्नासामी ने किया है। फिल्म में एगन, श्री देवी अपल्ला और फेमिना जॉर्ज मुख्य भूमिकाओं में हैं। 23 अक्टूबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई यह फिल्म पहले प्यार, दिल टूटने, भावनात्मक परिपक्वता और जिंदगी में दोबारा प्यार पाने के मौकों की कहानी कहती है। इसकी शुरुआत कॉलेज के अनोखे रोमांस से होती है, जो आगे चलकर बड़े होने के बाद रिश्तों में आने वाली उलझनों तक पहुंचती है।
फिल्म का विचार दिलचस्प है और इसमें कुछ ऐसे पल भी हैं जो सचमुच दिल जीतते हैं। हालांकि, इसकी कहानी उस भावनात्मक जुड़ाव को बनाए रखने में संघर्ष करती है, जो किसी प्रेम कहानी को यादगार बनाता है। मुख्य कलाकार पर्दे पर कुछ गर्मजोशी जरूर लाते हैं और संगीत रोमांटिक माहौल को सहारा देता है, लेकिन बार-बार दोहराए गए दृश्य और असंतुलित कहानी हाइकू को उसकी पूरी क्षमता तक पहुंचने से रोकते हैं।
हाइकू मूवी डिटेल्स
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| फिल्म का नाम | हाइकू |
| रिलीज डेट | 23 अक्टूबर, 2026 |
| शैली | रोमांटिक ड्रामा |
| निर्देशक | युवराज चिन्नासामी |
| लेखक | युवराज चिन्नासामी, हरिहरन राम |
| निर्माता | डी. अरुलानंधु, मैथ्यू अरुलानंधु |
| मुख्य कलाकार | एगन, श्री देवी अपल्ला, फेमिना जॉर्ज, अधिरची अरुण, सुब्रमणिया सेथु, माइम गोपी, अधियमान, इंधुमति मणिगंदन |
| ओटीटी प्लेटफॉर्म | नेटफ्लिक्स (डिजिटल राइट्स खरीदे जा चुके हैं; रिलीज डेट की घोषणा नहीं हुई है) |
| अवधि | लगभग 2 घंटे 23 मिनट |
| रेटिंग | 2/5 |
हाइकू की कहानी
एगन ने मनोहर का किरदार निभाया है, जो कोयंबटूर के अरुल बोधि गर्ल्स कॉलेज में दाखिला लेता है। यह कॉलेज अब सह-शिक्षा संस्थान बन चुका है। कैंपस में पहला पुरुष छात्र होने के कारण मनोहर को कई अजीब और मजेदार परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उसकी कॉलेज लाइफ में रोमांटिक मोड़ तब आता है, जब उसकी मुलाकात कोडी (श्री देवी अपल्ला) से होती है। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदल जाती है।
हालांकि, बड़े होने के साथ उनके रिश्ते में मुश्किलें आने लगती हैं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद मनोहर नौकरी करने लगता है और धीरे-धीरे कॉरपोरेट दुनिया में अपना करियर बना लेता है। कोडी के साथ उसका रिश्ता टूटने के तीन साल बाद उसकी मुलाकात निवेथा (फेमिना जॉर्ज) से होती है, जो उसके कार्यस्थल पर इंटर्न है।
निवेथा एक अस्वस्थ रिश्ते से जूझ रही होती है। मनोहर उसे आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान का महत्व समझने में मदद करता है। जब निवेथा को उससे प्यार होने लगता है, तो मनोहर को अपने अतीत के भावनात्मक बोझ का सामना करना पड़ता है। उसे यह तय करना है कि क्या वह दोबारा प्यार करने के लिए तैयार है।
कहानी आगे यह दिखाती है कि पुराने रिश्ते आज के फैसलों को कैसे प्रभावित करते हैं, क्या लोग दिल टूटने के अनुभव से कुछ सीख सकते हैं और प्यार में आपसी सम्मान क्यों जरूरी है। ये विषय फिल्म को भावनात्मक रूप से प्रभावशाली बनाने की क्षमता रखते हैं, लेकिन पटकथा इन्हें पर्याप्त गहराई और नए अंदाज में पेश नहीं कर पाती।
#Haiku Review – ⭐⭐⭐½ [3.5/5] :
❤️ A Refreshing, Feel-Good Romantic Entertainer!
#Haiku beautifully blends romance, comedy, music and emotions into an engaging youthful entertainer.
The narrative moves between college life and the corporate world, capturing the innocence of first love and the complexities of relationships with a refreshing touch.
@ActorAegan delivers a natural performance, effortlessly carrying the romantic, fun and emotional moments...
@SrideviActor shines with her screen presence and expressive acting...
@FeminaGeorge impresses with her lively performance, bringing freshness, charm and emotional depth to her character.
@adhirchi_arun adds value with his entertaining presence.
🎶 @Music_Siddhu 's music is a major highlight! The beautiful melodies and background score elevate the romantic and emotional moments.
👏 Director #Yuvaraj_Chinnaswamy delivers a breezy entertainer with relatable characters, enjoyable humour and heartfelt emotions.
A delightful watch for youngsters and families! ❤️
Rating: 3.5/5 ⭐
#Haiku Releasing worldwide this Friday - October 23rd!
— Ramesh Bala (@rameshlaus) October 21, 2026
हाइकू मूवी रिव्यू: जानी-पहचानी प्रेम कहानी भटक जाती है
हाइकू की शुरुआत एक मजेदार कॉलेज माहौल से होती है, जहां हास्य, अजीब मुलाकातों और जवानी के रोमांस के लिए कई मौके मौजूद हैं। मनोहर का अकेला पुरुष छात्र होना कहानी को एक अलग शुरुआत देता है। शुरुआती हिस्सों में फिल्म इस स्थिति का इस्तेमाल हल्के-फुल्के मनोरंजन के लिए करने की कोशिश करती है। हालांकि, जैसे-जैसे कहानी आम रोमांटिक उलझनों की ओर बढ़ती है, शुरुआती विचार का आकर्षण कम होने लगता है।
फिल्म का मुख्य विचार गहराई से दिखाए जाने लायक है। रिश्ते लोगों के खुद को समझने के नजरिए को बदल सकते हैं और दिल टूटने का अनुभव उन्हें अपनी सीमाओं, आत्मनिर्भरता और भावनात्मक परिपक्वता के बारे में जरूरी सबक सिखा सकता है। दुर्भाग्य से, पटकथा बार-बार उन्हीं भावनाओं और बातचीत पर लौटती है, लेकिन उन्हें किसी सार्थक दिशा में आगे नहीं बढ़ाती।
इसका नतीजा यह होता है कि प्रेम कहानी कई बार एक ही जगह अटकी हुई महसूस होती है। कुछ भावनात्मक दृश्य जरूरत से ज्यादा लंबे खिंचते हैं, जबकि अनुमान के मुताबिक होने वाली घटनाएं किरदारों के संघर्ष का असर कम कर देती हैं। कॉलेज रोमांस से कार्यस्थल पर आधारित कहानी तक पहुंचने के दौरान भी एक मजबूत भावनात्मक कड़ी की जरूरत थी, ताकि पूरी कहानी एक साथ जुड़ी हुई महसूस हो।
फिल्म में कुछ अच्छे पल भी हैं। कुछ हास्य दृश्य राहत देते हैं, और कभी-कभी रिश्तों की परिस्थितियां वास्तविक लगती हैं। हालांकि, ये पल कहानी की धीमी रफ्तार और दोहराव भरी पटकथा की कमियों को दूर करने के लिए काफी नहीं हैं। रिश्तों में एक-दूसरे की पसंद का सम्मान करने का संदेश प्रासंगिक है, लेकिन फिल्म इसे अधिक संवेदनशील और दिलचस्प तरीके से पेश कर सकती थी।
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एगन, श्री देवी और फेमिना जॉर्ज की परफॉर्मेंस
एगन मनोहर के रूप में फिल्म का बड़ा हिस्सा संभालते हैं, लेकिन उनके अभिनय में वह निरंतर प्रभाव नजर नहीं आता, जो किरदार की भावनात्मक यात्रा को विश्वसनीय बना सके। वह कुछ हल्के-फुल्के दृश्यों में ठीक काम करते हैं, लेकिन रिश्तों से जुड़े गंभीर दृश्यों में अधिक सहजता और परिपक्वता की जरूरत थी। उनके अभिनय में मनोहर की बदलती भावनाएं हमेशा स्वाभाविक नहीं लगतीं।
श्री देवी अपल्ला कोडी के किरदार में अच्छी लगती हैं और कई रोमांटिक दृश्यों को ईमानदारी से निभाती हैं। एगन के साथ उनकी केमिस्ट्री कुछ हिस्सों में काम करती है, हालांकि खासकर फिल्म के बाद के हिस्सों में उनके किरदार की भावनात्मक यात्रा को अधिक प्रभावशाली तरीके से दिखाया जा सकता था।
फेमिना जॉर्ज को निवेथा के रूप में अहम भूमिका मिली है। उनके किरदार के जरिए अस्वस्थ रिश्तों और व्यक्तिगत आत्मनिर्भरता जैसे विषय सामने आते हैं। वह अपने किरदार में ऊर्जा लाती हैं, लेकिन कुछ भावनात्मक दृश्य स्वाभाविक होने के बजाय जरूरत से ज्यादा नाटकीय लगते हैं। थोड़ा संयमित अभिनय निवेथा के संघर्ष को अधिक असरदार बना सकता था।
अधिरची अरुण कुछ मनोरंजक हास्य दृश्यों के साथ योगदान देते हैं, जबकि सहायक कलाकार कॉलेज और कार्यस्थल के माहौल को स्थापित करने में मदद करते हैं। तकनीकी पक्ष की बात करें तो प्रियेश गुरुसामी की सिनेमैटोग्राफी फिल्म के युवा माहौल के अनुकूल है। सिद्धू कुमार का संगीत रोमांटिक वातावरण बनाने में मदद करता है, हालांकि गाने और धुनें हर बार लंबे समय तक याद नहीं रहतीं। एडिटिंग भी अधिक चुस्त हो सकती थी, खासकर दूसरे हिस्से में, जहां कई दृश्य कहानी की रफ्तार को बाधित करते हैं।
.@ActorAegan WINS HEARTS IN #Haiku! ❤️ His effortless charm, natural acting & convincing romantic and emotional moments are a major highlight! 👏✨ A feel-good entertainer with lovely melodies, relatable relationships & enjoyable humour. Both female lead have done their best ❤️
Our Rating - 3.5/5
— Tamil Memes (@Gurunathaaaa) October 22, 2026
फिल्म की कमजोरियां क्या हैं?
- दोहराव भरी पटकथा: मिलती-जुलती भावनाएं और संघर्ष पर्याप्त विकास के बिना बार-बार सामने आते हैं।
- असमान अभिनय: भावनात्मक दृश्यों में स्वाभाविकता लगातार बनी नहीं रहती।
- धीमी कहानी: दूसरे हिस्से में फिल्म की रफ्तार कमजोर पड़ जाती है।
- अनुमान के मुताबिक टकराव: रिश्तों में आने वाले मोड़ दर्शकों को बहुत कम चौंकाते हैं।
क्या हाइकू देखना चाहिए?
फिल्म देखें अगर आप:
- सादा और हल्का-फुल्का रोमांटिक ड्रामा पसंद करते हैं।
- कॉलेज के दिनों की प्रेम कहानियां देखना पसंद करते हैं।
- रिश्तों पर केंद्रित विषयों वाली फिल्मों में दिलचस्पी रखते हैं।
- दिल टूटने और जिंदगी में आगे बढ़ने की कहानी देखना चाहते हैं।
फिल्म छोड़ सकते हैं अगर आप:
- एक नई और अनोखी प्रेम कहानी की उम्मीद कर रहे हैं।
- चुस्त रफ्तार वाली पटकथा पसंद करते हैं।
- पूरे समय प्रभावशाली और स्वाभाविक अभिनय चाहते हैं।
- बार-बार दोहराए जाने वाले भावनात्मक दृश्यों से परेशान हो जाते हैं।
#Haiku Review | A Poetic Take on Modern Love! ❤️
Director Yuvraj Chinnasamy explores contemporary relationships and the psychology of men and women through @ActorAegan, who revisits his college romance while helping his intern Femina navigate her own love life.
The screenplay thoughtfully reflects how today's youngsters handle heartbreak, compatibility and moving on.
#Aegan shows promise as a performer, @SrideviActor is convincing and delivers emotional portions well. @FeminaGeorge stands out with an emotionally grounded portrayal. @adhirchi_arun is good with spontaneous humour.
@Music_Siddhu's music blends well with narration. There's nothing precise to mention on flip side. Maybe, the college portions could have explored youth culture in greater depth, but that doesn't hamper the progression of story.
Overall, A thoughtful romantic drama with a refreshing perspective on relationships.
— Star Talkies (@startalkies_ofl) October 21, 2026
अंतिम फैसला
हाइकू की कहानी की बुनियाद से दर्शक जुड़ सकते हैं। इसका आकर्षक कॉलेज माहौल और प्यार, दिल टूटने तथा आत्मसम्मान से जुड़ा संदेश भी मायने रखता है। एगन और श्री देवी अपल्ला के बीच कुछ प्यारे पल देखने को मिलते हैं, जबकि फेमिना जॉर्ज रिश्तों पर आधारित इस ड्रामा में एक अलग पहलू जोड़ती हैं। सिनेमैटोग्राफी और संगीत भी फिल्म का युवा और रोमांटिक माहौल बनाने में मदद करते हैं।
दुर्भाग्य से, फिल्म अपने अच्छे विचारों को एक प्रभावशाली सिनेमाई अनुभव में नहीं बदल पाती। दोहराव भरी पटकथा, असमान अभिनय और धीमी रफ्तार इसकी भावनात्मक ताकत को कमजोर कर देते हैं। नतीजतन, फिल्म में आकर्षण के कुछ पल ही याद रह जाते हैं।
रेटिंग: 2/5
हाइकू साधारण रिश्तों पर आधारित ड्रामा पसंद करने वाले दर्शकों को अच्छी लग सकती है, लेकिन एक नई और यादगार प्रेम कहानी की तलाश कर रहे लोगों को यह निराश कर सकती है।
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