कॉलेज लाइफ, प्यार, दोस्ती और रिश्तों की उलझनों पर बॉलीवुड ने कई फिल्में बनाई हैं, लेकिन Chand Mera Dil नई पीढ़ी यानी Gen-Z की भावनाओं को दिखाने की कोशिश करती है।

Ananya Panday और Lakshya Lalwani स्टारर यह फिल्म इंजीनियरिंग कॉलेज की पृष्ठभूमि में एक ऐसी प्रेम कहानी दिखाती है, जो सपनों, जिम्मेदारियों और रिश्तों के दबाव के बीच टूटती-बिखरती नजर आती है।

फिल्म का आइडिया दिलचस्प है, लेकिन कमजोर केमिस्ट्री और धीमी कहानी इसकी भावनात्मक पकड़ को कमजोर कर देती है।

चांद मेरा दिल फिल्म डिटेल्स

कैटेगरीजानकारी
फिल्म का नामचाँद मेरा दिल
रिलीज़ डेट22 मई 2026
जॉनररोमांटिक, ड्रामा
निर्देशकविवेक सोनी
निर्माताकरण जौहर
मुख्य कलाकारअनन्या पांडे, लक्ष्य लालवानी
भाषाहिंदी
रिलीज़ प्लेटफॉर्मसिनेमाघरों में
रेटिंग2/5

चाँद मेरा दिल कहानी का ओवरव्यू: प्यार, जिम्मेदारियां और टूटते सपने

फिल्म की कहानी आरव और चांदनी के रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है। आरव अमेरिका से पढ़ाई पूरी करके लौटता है और उसके अतीत की परतें धीरे-धीरे खुलती हैं। इंजीनियरिंग कॉलेज में हुई मुलाकात के बाद वह चांदनी से प्यार करने लगता है।

धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती हैं। चांदनी घरेलू हिंसा देख चुके परिवार से आती है, जबकि आरव अपने माता-पिता की उम्मीदों और दबाव में जी रहा होता है। दोनों एक बेहतर जिंदगी का सपना देखते हैं।

लेकिन कहानी तब बदल जाती है जब चांदनी प्रेग्नेंट हो जाती है। परिवारों के विरोध के बावजूद दोनों शादी कर लेते हैं। इसके बाद नौकरी, बच्चे की जिम्मेदारी, आर्थिक परेशानियां और रिश्तों का तनाव उनकी जिंदगी को प्रभावित करने लगता है।

जहां चांदनी करियर में आगे बढ़ती है, वहीं आरव खुद को असफल और दबाव में महसूस करने लगता है। इसी से रिश्ते में दूरी और टकराव पैदा होता है।

चाँद मेरा दिल रिव्यू: अच्छा कॉन्सेप्ट लेकिन कमजोर इमोशनल कनेक्शन

Vivek Soni ने युवा रिश्तों की जटिलताओं को दिखाने की कोशिश की है। फिल्म यह बताती है कि कम उम्र में लिए गए फैसले जिंदगी को किस तरह बदल देते हैं।

हालांकि फिल्म कई जगह दूसरी बॉलीवुड फिल्मों की याद दिलाती है और अपनी अलग पहचान मजबूत तरीके से नहीं बना पाती।

“फिल्म रिश्तों और जिम्मेदारियों की बात तो करती है, लेकिन भावनात्मक असर पैदा करने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाती।”

फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी है इसकी धीमी रफ्तार और लीड जोड़ी के बीच केमिस्ट्री का अभाव। कई रोमांटिक दृश्य असर छोड़ने के बजाय बनावटी महसूस होते हैं।

स्क्रीनप्ले भी कई जगह सुविधाजनक और अनुमानित लगता है। नई पीढ़ी की सोच और संघर्षों को गहराई से दिखाने का मौका होने के बावजूद फिल्म सतही नजर आती है।

दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

पॉजिटिव रिएक्शंस

  • अलग और प्रासंगिक कॉन्सेप्ट
  • रिश्तों की वास्तविक समस्याएं
  • कुछ भावनात्मक दृश्य असरदार
  • हल्के-फुल्के वनलाइनर्स मनोरंजक

क्रिटिकल रिएक्शन

  • कमजोर केमिस्ट्री
  • धीमा स्क्रीनप्ले
  • अनुमानित क्लाइमैक्स
  • भावनात्मक गहराई की कमी

परफॉर्मेंस: कलाकारों ने कोशिश की, लेकिन जादू नहीं चला

  • लक्ष्य लालवानी अपने किरदार में ईमानदार नजर आते हैं और भावनात्मक दृश्यों में ठीक काम करते हैं।
  • अनन्या पांडे कुछ दृश्यों में प्रभाव छोड़ती हैं, लेकिन उनके और लक्ष्य के बीच रोमांटिक कनेक्शन मजबूत नहीं बन पाता।
  • मनीष चौधरी को ज्यादा प्रभावशाली दृश्य नहीं मिले।
  • सहायक कलाकारों को भी कहानी में ज्यादा उभरने का मौका नहीं मिलता।

क्या Chand Mera Dil देखनी चाहिए?

फिल्म देखें अगर आप:

  • कॉलेज रोमांटिक ड्रामा पसंद करते हैं
  • Gen-Z रिश्तों की कहानियां देखना चाहते हैं
  • भावनात्मक फैमिली ड्रामा पसंद करते हैं
  • अनन्या पांडे या लक्ष्य के फैन हैं

फिल्म Avoid करें अगर आप:

  • दमदार रोमांटिक केमिस्ट्री चाहते हैं
  • तेज रफ्तार कहानी पसंद करते हैं
  • नया और अनोखा ट्रीटमेंट उम्मीद कर रहे हैं
  • गहराई वाले इमोशनल ड्रामा देखना चाहते हैं

चांद मेरा दिल Final Verdict

Chand Mera Dil का कॉन्सेप्ट दिलचस्प है और फिल्म नई पीढ़ी के रिश्तों, जिम्मेदारियों और सपनों को दिखाने की कोशिश करती है।

लेकिन कमजोर केमिस्ट्री, धीमी कहानी और अधूरी भावनात्मक पकड़ फिल्म को पूरी तरह असरदार बनने से रोक देती है।

Rating: 2/5

कुल मिलाकर, यह फिल्म एक हल्की-फुल्की वन-टाइम वॉच है, जो कुछ दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ सकती है, लेकिन लंबे समय तक याद नहीं रहती।