बात्था बालाजी थरनीथरन के निर्देशन में बनी तमिल एक्शन ड्रामा फिल्म है, जिसमें विजय सेतुपति, लिजोमोल जोस और युवा अभिनेता साबरी मुख्य भूमिकाओं में हैं। 1986 के मद्रास की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म एक खौफनाक स्थानीय डॉन की कहानी दिखाती है, जिसकी जिंदगी तब बदल जाती है जब एक आठ साल का बच्चा गलती से उसे एक सुनसान स्कूल के शौचालय में बंद कर देता है। शुरुआत में यह घटना मजेदार लगती है, लेकिन धीरे-धीरे कहानी दोस्ती, परिवार और प्रायश्चित तक पहुंचती है। फिल्म को अपनी लय पकड़ने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन एक बार कहानी रफ्तार पकड़ती है तो बत्ता और बच्चे का रिश्ता इसकी सबसे बड़ी ताकत बन जाता है।
बत्ता फिल्म की जानकारी
| फिल्म का नाम | बत्ता |
|---|---|
| रिलीज डेट | 1 अक्टूबर 2026 |
| शैली | एक्शन/ड्रामा |
| निर्देशक | बालाजी थरनीथरन |
| लेखक | बालाजी थरनीथरन |
| निर्माता | मुराद खेतानी, अजीत अंधारे, प्रिया अटली, आलोक जैन |
| मुख्य कलाकार | विजय सेतुपति, लिजोमोल जोस, साबरी, अजय घोष, अर्जुन चिदंबरम |
| ओटीटी प्लेटफॉर्म | घोषणा नहीं हुई |
| रेटिंग | 4/5 |
बत्ता की कहानी
बत्ता (विजय सेतुपति) 1986 के मद्रास का एक खौफनाक स्थानीय डॉन है। उसकी छवि ऐसी है कि उसके आसपास के लोग भी उससे सावधान रहते हैं, लेकिन उसकी निजी जिंदगी गैंगस्टर के एक अलग पहलू को सामने लाती है। सब कुछ तब बदल जाता है जब बत्ता को गलती से एक सुनसान स्कूल के शौचालय में आठ साल का बच्चा (साबरी) बंद कर देता है। जो घटना शुरुआत में शर्मिंदगी और गुस्से की वजह बनती है, वही धीरे-धीरे एक अनोखी दोस्ती में बदल जाती है।
जैसे-जैसे दोनों साथ समय बिताते हैं, बत्ता का नरम पक्ष सामने आने लगता है। उसका परिवार, उसका अतीत और उसके पुराने फैसले कहानी का अहम हिस्सा बनते जाते हैं। आगे की कहानी इस बात पर केंद्रित है कि यह असामान्य दोस्ती बत्ता को किस तरह बदलती है और उसे अपनी कमजोरियों, परिवार और अतीत का सामना करने के लिए मजबूर करती है।
#Baththa - Review #Baththa Is A Period Action Drama🔥 Set In 1986 Madras, Revolving Around A Feared Local Gangster Who Accidentally Gets Trapped Inside A Deserted School Toilet By An Eight-Year-Old Boy. What Begins As A Strange And Humorous Situation Gradually Turns Into An… pic.twitter.com/liWDHlB3Of
— Cinemy (@HdUpdatesMovie1) October 1, 2026
बत्ता रिव्यू: दिल छू लेने वाली गैंगस्टर कहानी
बत्ता अपनी गैंगस्टर कहानी को एक अलग तरीके से पेश करती है। पूरी फिल्म को हिंसा और बड़े एक्शन दृश्यों पर केंद्रित करने के बजाय बालाजी थरनीथरन एक साधारण स्थिति के जरिए दोस्ती, परिवार और प्रायश्चित की कहानी बताते हैं। शुरुआती हिस्से में किरदारों और उनकी दुनिया को स्थापित करने में थोड़ा समय लगता है।
हालांकि, जैसे ही बत्ता स्कूल में फंसता है, फिल्म अपनी लय पकड़ लेती है। हास्य परिस्थितियों से स्वाभाविक रूप से निकलता है। एक खौफनाक गैंगस्टर का ऐसी सामान्य जगह पर फंस जाना कई मनोरंजक पल पैदा करता है, लेकिन फिल्म उसके किरदार को मजाक नहीं बनाती।
विजय सेतुपति और साबरी का अभिनय
विजय सेतुपति बत्ता के किरदार में शानदार हैं। वह खौफनाक गैंगस्टर के लिए जरूरी रौब दिखाते हैं, लेकिन जैसे ही किरदार का कमजोर पक्ष सामने आता है, वह उतनी ही सहजता से भावनात्मक हिस्सों को निभाते हैं। भावुक दृश्यों में उनका अभिनय अधिक संयमित रहता है, जिससे उन पलों का असर बढ़ जाता है। वह बत्ता के नरम पक्ष को जरूरत से ज्यादा नहीं दिखाते।
युवा साबरी फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज हैं। उनके हाव-भाव, संवाद अदायगी और स्वाभाविक पर्दे की मौजूदगी विजय सेतुपति के साथ उनकी जोड़ी को मजबूत बनाती है। दोनों की केमिस्ट्री फिल्म का भावनात्मक केंद्र बन जाती है। लिजोमोल जोस भी पारिवारिक हिस्सों में अच्छी हैं, जबकि सहायक कलाकार कहानी के साथ सहजता से फिट बैठते हैं।
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कहानी और प्रस्तुति
पहले भाग को गति पकड़ने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन स्कूल वाले हिस्से फिल्म के सबसे मनोरंजक भागों में शामिल हैं। पटकथा छोटे घटनाक्रमों में हास्य तलाशती है और जबरन कॉमेडी पर निर्भर नहीं रहती। मध्यांतर में एक मजबूत नाटकीय मोड़ आता है, जो कहानी की भावनात्मक दिशा बदल देता है।
दूसरे भाग में बत्ता के किरदार को अधिक भावनात्मक गहराई मिलती है। उसका परिवार और अतीत सामने आते हैं, लेकिन फिल्म अचानक जरूरत से ज्यादा गंभीर नहीं हो जाती। भावनात्मक पलों के साथ हास्य भी चलता रहता है, जिससे फिल्म का संतुलन बना रहता है। अंतिम 30 मिनट अलग-अलग भावनात्मक पहलुओं को गर्मजोशी और असर के साथ जोड़ते हैं।
#Baththa - 4.25/5. PURE GOLD ❤️ A Truly Satisfying & Beautiful Film. National Award Loading For KID CHARACTER Sabari👏
— Trendswood (@Trendswoodcom) September 30, 2026
Yes, Our Vintage Performer Vijay Sethupathi Is BACK... What An Excellent Performance. 🔥Sai’s Unique & BEST WORK... Because Of Sai’s Brilliant Work, The… pic.twitter.com/WaAHzCLMVk
तकनीकी पक्ष और संगीत
साई अभ्यंकर का संगीत और पार्श्व संगीत फिल्म की प्रमुख खूबियों में शामिल हैं। उनका संगीत गैंगस्टर तत्वों, हास्य और भावनाओं के मेल के साथ अच्छी तरह बैठता है और दृश्यों पर हावी नहीं होता।
सेल्वा कुमार की सिनेमैटोग्राफी भी उस दौर की पृष्ठभूमि के साथ अच्छी तरह मेल खाती है। दृश्य फिल्म के 1986 के मद्रास वाले माहौल को उपयुक्त बनाते हैं। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि बालाजी थरनीथरन की पटकथा छोटी-छोटी घटनाओं को बत्ता की बड़ी भावनात्मक यात्रा से जोड़ती रहती है।
फिल्म की कमजोरियां
- धीमी शुरुआत
- शुरुआती हिस्से की असमान गति
- सीमित गैंगस्टर एक्शन
- प्रायश्चित की जानी-पहचानी थीम
क्या बत्ता देखनी चाहिए?
इसे देखें अगर आप:
- भावनात्मक गैंगस्टर ड्रामा पसंद करते हैं
- विजय सेतुपति के प्रशंसक हैं
- किरदारों पर आधारित कहानियां पसंद करते हैं
- पारिवारिक भावनाओं के साथ हास्य पसंद करते हैं
इसे छोड़ सकते हैं अगर आप:
- लगातार एक्शन की उम्मीद करते हैं
- गंभीर गैंगस्टर थ्रिलर पसंद करते हैं
- तेज रफ्तार कहानी चाहते हैं
- भावनात्मक ड्रामा पसंद नहीं करते
#Baththa Review: A film that makes you laugh, get teary eyed, then quietly hits you right in the heart. Vijay Sethupathi is phenomenal, Sai (the little kid) is an absolute revelation and Balaji Tharaneetharan’s writing makes every laugh and tear count. The last 30 mins are… pic.twitter.com/Vbz0SGH1BZ
— Lets Cinema (@letscinema) September 30, 2026
अंतिम फैसला
बत्ता की खासियत यह है कि यह गैंगस्टर शैली को एक अलग भावनात्मक केंद्र देती है। बत्ता और छोटे बच्चे की अनोखी दोस्ती कहानी को आगे बढ़ाती है, जबकि विजय सेतुपति और साबरी इस रिश्ते को स्वाभाविक और प्रभावशाली बनाते हैं। पहले भाग के लिए थोड़े धैर्य की जरूरत पड़ती है, लेकिन जैसे-जैसे दोनों का रिश्ता मजबूत होता है, फिल्म काफी बेहतर हो जाती है।
दूसरा भाग कहानी में जरूरी भावनात्मक वजन जोड़ता है, लेकिन अपना हास्य नहीं खोता। दमदार अभिनय, दिल को छू लेने वाला संगीत और गर्मजोशी से भरा भावनात्मक अंत बत्ता को एक मनोरंजक सिनेमाघर अनुभव बनाते हैं। यह पारंपरिक गैंगस्टर फिल्म नहीं है और यही बात इसके आकर्षण को बढ़ाती है।
रेटिंग: 4/5
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